जोधपुर में साइबर ठगी के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। रातानाडा थाना पुलिस ने फर्जी बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने म्यूल अकाउंट्स के जरिए करीब 21 लाख रुपए का अवैध लेनदेन किया था, जबकि इनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर फ्रॉड से जुड़ी करीब 80 शिकायतें दर्ज हैं। DCP ईस्ट पी.डी. नित्या ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष साइबर अभियान के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र I4C-MHA की ओर से संदिग्ध खाताधारकों की जानकारी दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी किराए के खातों से करते थे ठगी की वारदात डीसीपी ने बताया कि इसके बाद किराए के इन बैंक खातों को गेम, इनवेस्टमेन्ट फ्रॉड आदि में लगाकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी की रकम इन किराए के खातों में जमा करवाते है। बाद में ठगी गई रकम को एटीएम कार्ड से निकाल कर अपना 10 प्रतिशत कमीशन रखकर शेष राशि साइबर फ्रॉड गिरोह के सदस्यों को यूसडीटी/बाईनेन्स खरीद कर देते है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अब तक देश के विभिन्न राज्यों से किराए पर खरीदकर मंगवाए खातों की जांच करने पर पाया गया कि इन खातों के विरूद्ध देश के विभिन्न राज्यों में कुल 80 साइबर कम्पलेन्ट्स लगी हुई है। जिसमें कुल राशि 45 करोड़ रुपए का फ्रॉड होना पाया गया है। फ्रॉड राशि में से इन आरोपियों के पास पाए गए कुल 20 खातों में करीब 21 लाख रुपए का अवैध लेनदेन भी करना पाया गया। इन तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


