साध्वी प्रेम बाईसा को लगाए थे एक से ज्यादा इंजेक्शन:आश्रम के बाहर दवा की खाली शीशियां मिलीं, कंपाउंडर की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। साध्वी को एक से ज्यादा डेक्सोना इंजेक्शन लगाए गए थे। ऐसे में साध्वी की मेडिकल हिस्ट्री को खंगाला जाएगा, जिससे उनके अस्थमा होने या न होने का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा कंपाउडंर की डिग्री की भी जांच होगी। मामले की जांच कर रही एसआईटी प्रमुख एसीपी वेस्ट छवि शर्मा ने बताया- कंपाउंडर ने डेक्सोना इंजेक्शन के साथ-साथ अन्य इंजेक्शन देने की बात कही है। इन इंजेक्शनों के नाम, उनकी प्रकृति और मात्रा को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। इन सभी बिंदुओं पर गहन जांच जारी है। साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर एसआईटी हर पहलू की जांच कर रही है। इस मामले से जुड़ा हर व्यक्ति फिलहाल शक के दायरे में है। किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। आगे पढ़ें SIT की जांच के प्रमुख पॉइंट… 1. आश्रम से जुड़े व्यक्तियों के बैंक खातों की हो रही जांच छवि शर्मा ने बताया- एसआईटी की जांच सिर्फ मेडिकल एंगल तक सीमित नहीं है। आश्रम से जुड़े सभी बैंक खातों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही आश्रम से जुड़े लोगों के व्यक्तिगत खातों की भी पड़ताल की जा रही है। इससे किसी तरह के संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया जा सके। फिलहाल एसआईटी सभी पहलुओं को जोड़कर मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को इस पूरे केस की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। 2. कंपाउंडर की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस छवि शर्मा ने बताया- एसआईटी ने कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित को नोटिस दिया है। उसकी नर्सिंग डिग्री और उससे जुड़े सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसकी डिग्री सही है या नहीं। क्या उसे इंजेक्शन देने का अधिकार था या नहीं। नोटिस में देवी सिंह से यह भी पूछा गया है कि उसने कौन सी दवाएं दीं, कितनी मात्रा में दी और दवाएं कहां से लाई गई थीं। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी जांच में शामिल की गई है। 3. अस्पताल से भी डॉक्यूमेंट मांगे छवि शर्मा ने बताया- एसआईटी ने प्रेक्षा अस्पताल को नोटिस जारी किया है। अस्पताल से इलाज से जुड़े सभी कागजात, मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड और घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज मांगा गया है। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा को अस्पताल किस हालत में लाया गया था और वहां पहुंचने के बाद क्या -क्या हुआ था। आश्रम के बाहर मिली दवा की शीशी वहीं, दूसरी तरफ जांच में आश्रम के बाहर से अस्थालाइन दवा की दो शीशी मिली। अस्थालाइन आमतौर पर सांस की तकलीफ और अस्थमा के मरीजों को दी जाती है। ऐसे में अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या साध्वी प्रेम बाईसा अस्थमा से पीड़ित थीं। यदि उन्हें अस्थमा की समस्या थी, तो उन्हें डेक्सोना इंजेक्शन किस हालात में और कितनी मात्रा में लगाया गया। क्या है मामला दरअसल, कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार (28 जनवरी) को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुक्रवार (30 जनवरी) को बालोतरा के परेऊ गांव में आश्रम में संत परंपरा के अनुसार समाधि दी गई। प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ का दावा है कि उन्हें केवल मामूली जुकाम था। जोधपुर के ही आश्रम में उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था, इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। क्या है साध्वी से जुड़ा विवाद 13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर साध्वी का एक वीडियो शेयर हुआ था। साध्वी ने 16 जुलाई को बोरानाडा थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह वीडियो 2021 का था। साध्वी के पुराने साथियों की गिरफ्तारी मामला दर्ज होने के बाद मामले की जांच के बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें साउंड सिस्टम लगाने का काम करने वाला जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (29), पूर्व ड्राइवर रमेश, कृष्णा (जोगेंद्र की पत्नी) और दो अन्य लोग शामिल थे। साध्वी ने कहा था- मैं अग्निपरीक्षा के लिए तैयार तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि आरोपियों ने साध्वी की छवि को धूमिल किया। साध्वी ने उस समय कहा था – इन लोगों ने भगवे पर कलंक लगाया है। मैं अपनी सच्चाई साबित करने के लिए अग्निपरीक्षा देने को तैयार हूं।
ये भी पढ़ें… दावा– राजस्थान की साध्वी की इंजेक्शन से मौत हुई:पिता बोले- उनके अंतिम शब्द थे ‘मुझे न्याय दिलाना’, इसलिए 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट की साध्वी प्रेम बाईसा को जैसे ही इंजेक्शन लगाया गया, 30 सेकंड में उनकी हालत बिगड़ गई। वे चीखने लगीं, सांस लेने में तकलीफ हुई और कफ निकलने लगा। गेट तक पहुंचते-पहुंचते बेहोश हो गईं और फिर दम तोड़ दिया। यह कहना है राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23) के पिता वीरमनाथ (गुरुजी) का। उनके अनुसार, गलत इंजेक्शन की वजह से बाईसा की जान चली गई। (पूरी खबर पढ़ें)

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