जैसलमेर से पकड़े पाकिस्तानी जासूस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मोबाइल में ISI हैंडलर्स से चैट-सबूत मिले है। पिछले डेढ़ साल से गुप्त सूचनाएं भेजने पर टास्क के अकोडिंग उसे 5-10 हजार रुपए का पेमेंट किया जाता था। इंटेलिजेंस टीम की पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। राजस्थान इंटेलिजेंस ने शनिवार दोपहर पाकिस्तानी जासूस को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने जासूस को 5 दिन का रिमांड पर सौंप दिया। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाक ISI से कॉन्टैक्ट में था। 30 जनवरी को किया गया था अरेस्ट एडीजी (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया- पोकरण के सांकड़ा निवासी झबराराम (28) को जैसलमेर से 30 जनवरी को अरेस्ट किया गया था। वह पाकिस्तान के लिए जासूसी करता था। जांच में सामने आया था कि वह सोशल मीडिया के जरिए लगातार पाक जासूसी एजेंसी के हैंडलर्स के कॉन्टैक्ट में बना हुआ था। इंटेलिजेंस टीम की ओर से शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे पाक जासूस झबराराम को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी पाकिस्तान जासूस झबराराम को 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया। ISI हैंडलर्स से बातचीत के सबूत मिले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए जासूसी करने वाले झबराराम के मोबाइल में ISI हैंडलर्स से चैट और सबूत मिले हैं। झबराराम को पाक एजेंसियों ने हनीट्रैप और रुपयों का लालच दिया था। पिछले करीब 19 महीने से लालच में आकर वह इंडियन आर्मी की गुप्त सूचनाएं शेयर कर रहा था। टास्क देकर इंडियम आर्मी की सूचनाएं मांगी थी
झबराराम को पाकिस्तान जासूसी एजेंसी के हैंडलर्स की ओर से अलग-अलग टास्क देकर इंडियम आर्मी की सूचनाएं मांगी जाती थी। टास्ट के अनुसार सूचनाएं भेजने पर आरोपी के बैंक अकाउंट में 5-10 हजार रुपए का छोटा-छोटा अमाउंट पेमेंट के तौर पर भेजा जाता था। उसके बैंक अकाउंट में काफी बार पेमेंट भेजने का पता चला है। उसने अपने नाम से जारी सिमकार्ड का OTP पाक हैंडलर्स को देकर वॉट्सएप एक्टिवेट करवाया। जिसका यूज देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। आरोपी जासूस झबराराम से कई अहम जानकारी सामने आएगी। वह कितने हैंडलर्स से जुड़कर गुप्त सूचनाएं शेयर कर रहा था। पाकिस्तान जासूसों से क्या डिमांड करता है? एक्सपर्ट के अनुसार युद्ध के समय हर छोटी से छोटी जानकारी दुश्मन देश के लिए महत्वपूर्ण होती है। जासूस सीमावर्ती क्षेत्रों में हर तरह की जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों को शेयर करते हैं। ——- जासूसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पाकिस्तानी हैंडलर्स चला रहे थे जैसलमेर के युवक का वॉट्सऐप:हनीट्रैप में फंसकर ई-मित्र संचालक ने ISI को भेजी खुफिया जानकारी; गिरफ्तार जैसलमेर में जासूसी के शक में पकड़े गए ई-मित्र संचालक का वॉट्सऐप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स चला रहे थे। आरोपी ने अपनी सिम पर आया ओटीपी (OTP) ISI के एजेंट को शेयर किया, ताकि उसका वॉट्सऐप ISI के हैंडलर्स चला सके। इस दौरान खुफिया जानकारियां शेयर की गई। पढ़ें पूरी खबर


