राजस्थान की ट्रांसजेंडर खिलाड़ी ने गोल्ड समेत 4 मेडल जीते:माइनस 5 डिग्री तापमान में खेला गया नेशनल टूर्नामेंट; बोलीं- इंटरनेशनल मेडल जीतने का सपना

टोंक के मालपुरा की ट्रांसजेंडर खिलाड़ी रितिका सिंह ने नेशनल स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन किया है। रितिका ने अकेले और टीम के साथ मिलकर एक गोल्ड समेत 4 मेडल जीते हैं। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में 1 से 2 फरवरी तक आयोजित नेशनल आइस स्टॉक स्पोट्‌र्स चैंपियनशिप में रितिका ने राजस्थान टीम की ओर से खेलते हुए ये मेडल जीते हैं। उनके अलावा जयपुर की एक ट्रांसजेंडर ने भी रितिका सिंह के साथ मिलकर युगल गेम में मेडल जीते हैं। माइनस पांच डिग्री की कड़कड़ाती सर्दी में आयोजित हुई इस चैंपियनशिप में 22 राज्यों की टीमों के महिला और पुरुषों ने भाग लिया था। रितिका सिंह इससे पहले नेशनल समर आइस स्टॉक चैंपियनशिप में भी सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। राजस्थान की टीम में 2 ट्रांसजेंडर किए गए थे शामिल
रितिका सिंह को इस प्रतियोगिता में इंडिविजुअल कॉम्पिटिशन के मुकाबलों में महिला वर्ग में एंट्री दी गई थी। रितिका सिंह ने अंडर-23 आयुवर्ग में इंडिविजुअल कॉम्पिटिशन के डिस्टेंस इवेंट में गोल्ड मेडल और इसी कॉम्पिटिशन के टीम इवेंट में राजस्थान की टीम से खेलते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया है। रितिका सिंह ने इसी तरह टारगेट इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। रितिका ने इसी कॉम्पिटिशन के टीम इवेंट में भी ब्रॉन्ज मेडल हासिल करते हुए कुल 4 मेडल जीते। इसी तरह ट्रांसजेंडर नंदिनी सिंह ने भी इस टूर्नामेंट में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए हैं। नंदिनी सिंह को यह दोनों पदक टीम इवेंट में मिले हैं। यह पहला मौका था जब इस टूर्नामेंट में राजस्थान की टीम में दो ट्रांसजेंडर को एक साथ शामिल किया गया था। खेलों में नाम रोशन करने पर टोंक जिला प्रशासन ने रितिका सिंह को गणतंत्र दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। इंटरनेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीतने का सपना
रितिका सिंह ने कहा- ट्रांसजेंडर होना भले ही मेरे लिए अभिशाप माना जाता रहा हो, लेकिन मैं अपने इस अभिशाप को अपने खेल के दम पर वरदान सिद्ध करना चाहती हूं। इस सपने को सच करने में जयपुर के किन्नर समाज की महामंडलेश्वर पुष्पा माई और रेनबो सोसाइटी की चेयरमैन व ट्रांसजेंडर नूर शेखावत का भी हमेशा सहयोग मिलता रहा है। रितिका ने बताया- राजस्थान की आइस स्टॉक एसोसिएशन पदाधिकारी साक्षी शर्मा और कोच समीर शर्मा भी उनका लगातार हौसला बढ़ाते रहे हैं। अब मेरा सपना इंटरनेशनल स्तर पर देश के लिए मेडल जीतना है।

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