भीलवाड़ा में 80 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम से सुवाणा श्वेतांबर जैन समाज ट्रस्ट की जमीन बेचने का मामला सामने आया है। मृत व्यक्ति के फर्जी आधार और पैन कार्ड तक बनवा लिए। फोटो और उम्र तक फर्जी लिखवा दी। फर्जीवाड़े का खुलास तब हुआ जब ट्रस्ट की जमीन के बगल में एक व्यक्ति अपनी जमीन का डिमार्केशन करवा रहा था। कागज में ट्रस्ट की जमीन किसी और के नाम से थी। मामला सामने आने के बाद शनिवार को जैन समाज के लोग कलेक्टर और एसपी से मिले और कार्रवाई की मांग की। समाज के लोगों का कहना था कि ट्रस्ट की जमीन को न तो बेचा जा सकता है और न ही खरीदा जा सकता है। इसके बाद भी इसकी रजिस्ट्री कैसे हुई, इसकी जांच होनी चाहिए। ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा सुवाणा कस्बे में सुवाणा श्वेतांबर जैन समाज ट्रस्ट की जमीन है। सालों पुरानी दो बीघा जमीन ट्रस्ट उपासरा के यति (पूजा करने वाले) श्री केसरी चंद और शांतिनाथ जैन मंदिर के नाम से थी। ट्रस्ट के सदस्य प्रकाश चपलोत के दोस्त गोपाल साधु ने कुछ दिनों पहले ट्रस्ट की जमीन के पास ही एक जमीन खरीदी और दो दिन पहले बुधवार को गिरदावरी पटवार को डिमार्केशन के लिए बुलाया। जब गोपाल साधु की जमीन का डिमार्केशन किया गया तो जैन समाज की ये जमीन आसींद निवासी मोहम्मद मुन्ना के नाम रिकॉर्ड में दिखाई। गोपाल साधु ने ये बात प्रकाश चपलोत को बताई। 17 अक्टूबर 2025 को जमीन का सौदा किया ट्रस्ट के अध्यक्ष नेम कुमार संघवी ने बताया कि प्रकाश चपलोत ने जब ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इसके बारे में बताया तो डॉक्यूमेंट निकलवाए गए। तो पता चला कि 17 अक्टूबर 2025 को ये जमीन मोहम्मद मुन्ना ने अपने नाम करवा ली है। इतना ही नहीं यति केसरी चंद की 80 साल पहले मौत हो चुकी थी। आरोपियों ने यति केसरी चंद के फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाकर 80 लाख रुपए में इस जमीन का सौदा कर दिया। इतना ही नहीं फोटो से लेकर उम्र और एड्रेस तक फर्जी थे। रजिस्ट्री में आसींद का मुन्ना पिता अब्दुल मजीद इसमें खरीददार है। जबकि रामकरण जाट और मोहम्मद मंसूरी इसमें गवाह हैं।
कलेक्ट्रेट पहुंचे जैन समाज के लोग
ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया कि फर्जी तरीके से जमीन को खरीदने वाले की जानकारी मिल गई है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने बिना जांच किए ट्रस्ट की जमीन किसी व्यक्ति के नाम कैसे रजिस्टर कर ली, इसकी जांच होनी चाहिए। इस पूरे मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ समाज द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है। इसके लिए शनिवार को कलेक्टर और एसपी से मुलाकात कर विरोध किया और पूरे मामले की जांच करवाने के मांग की।


