नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया

भास्कर न्यूज| लुधियाना देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन किदवई नगर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की तरफ से विकसित भारत@2047: अवसर और चुनौतियां विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के डीन कॉलेज विकास परिषद की तरफ से प्रायोजित किया गया। कॉलेज प्रबंधक समिति के अध्यक्ष नंद कुमार जैन मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने युवाओं से भ्रष्टाचार और मिलावट के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान करते हुए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने पर बल दिया। संगोष्ठी में कुल 135 शिक्षाविदों, शोधार्थियों और स्टूडेंट्स ने भाग लिया। लगभग 40 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें छात्र कल्याण, समावेशी शिक्षा, नवाचार तंत्र, सतत नीति निर्माण और मानव संसाधन विकास जैसे विषय शामिल रहे। उद्घाटन सत्र दीप प्रज्ज्वलन और नमोकार मंत्र के उच्चारण से आरंभ हुआ। प्राचार्या डॉ. सरिता बहल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विकसित भारत के निर्माण में शैक्षणिक संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्तव्य डॉ. राकेश शारदा, प्रधान वैज्ञानिक (प्लास्टिकल्चर), पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत@2047 का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए डिजिटल इंडिया, पीएम गति शक्ति और नई शिक्षा नीति जैसी पहलों का उल्लेख किया तथा नवाचार और संस्थागत सहयोग पर बल दिया। तकनीकी सत्र प्रथम में डॉ. नीना सेठ पजनी प्राचार्या, गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज, खन्ना और डॉ. एसपी शर्मा, प्रोफेसर मुख्य अर्थशास्त्री एनडीआईएम एनईओ रिसर्च सेंटर ने अपने विचार रखे। डॉ. पजनी ने उच्च शिक्षा सुधार, नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया। डॉ. एसपी शर्मा ने विकसित भारत@2047 के संदर्भ में भारत की सुधार-आधारित और नवाचार-प्रेरित आर्थिक वृद्धि को रेखांकित किया। तकनीकी सत्र दूसरे में डॉ. मोहम्मद सलीम, सेवानिवृत्त प्राचार्य, कमला लोहटिया सनातन धर्म कॉलेज, लुधियाना ने विकसित भारत के लिए शिक्षा, कौशल और समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को तकनीक आधारित नवाचार के लिए प्रेरित किया। शोध-पत्र प्रस्तुतियों के उपरांत संगीता सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता तथा डॉ. प्राची बिष्ट एवं डॉ. रश्मी उपरति को सर्वश्रेष्ठ ऑफलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता घोषित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंतर ज्योति घई, एसोसिएट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रबंधक समिति ने आईक्यूएसी समन्वयकों डॉ. लोतिका गुप्ता (विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान) और डॉ. रोबिना (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र) तथा उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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