कांग्रेस में ‘भितरघात’ से खफा डॉ. सिद्धू का इस्तीफा बोलीं- पार्टी विरोधी नेता नवाजे गए, मुझ पर कार्रवाई

अमृतसर | कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और मुख्यमंत्री भगवंत मान दोनों को निशाने पर लिया। डॉ. सिद्धू ने राजा वड़िंग को ‘अब तक का सबसे अक्षम और भ्रष्ट प्रदेश अध्यक्ष’ करार देते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ आपसी समझ बनाकर कांग्रेस को कमजोर किया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता विपक्षी ताकतों के साथ मिलकर भितरघात करते रहे हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके उलट, ऐसे नेताओं को बड़े पदों से नवाजा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की गई, अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा खुलेआम पार्टी नेतृत्व को चुनौती देने के बावजूद उन पर कोई एक्शन नहीं हुआ। डॉ. सिद्धू ने कहा कि खनन व शराब नीति जैसे अहम मुद्दों पर मौजूदा सरकार की मंशा संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन का उपयोग विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य के बजाय मुफ्त सुविधाओं में किया जा रहा है, जिससे पंजाब की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल के संपर्क में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब वह राजनीति से हटकर एक एनजीओ के माध्यम से पंजाब के लोगों की सेवा करेंगी। 2016… 1 अप्रैल, पंजाब में भाजपा की इकाई और शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व के साथ मतभेदों के कारण भाजपा से इस्तीफा दे दिया।2017… पति नवजोत सिंह सिद्धू के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होकर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। 2019… कांग्रेस छोड़ दी और घोषणा की कि वह अब किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगी।2025… कैंसर से जंग लड़कर फिर सक्रिय राजनीति में उतरीं। 8 दिसंबर को पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वडिंग ने पार्टी से सस्पेंड किया।

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