आचार्य बोले- जीवन को समुन्नत बनाने का मूलाधार है सत्संग:आर्य समाज के 150वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम

सोईकलां में आर्य समाज युवा समिति की ओर से आयोजित पांच दिवसीय वैदिक सत्संग समारोह के तीसरे दिन आध्यात्मिक माहौल में कार्यक्रम हुआ। इसकी शुरुआत रिशिका आर्य ने प्रस्तुत भजन “माया को तू छोड़ दे प्राणी मत कर तेरा मेरा” से हुई। आचार्यों ने वैदिक सत्संग के माध्यम से ग्रामीणों को वैदिक सभ्यता और संस्कृति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संसार में ईश्वर, जीव और प्रकृति ही सत्य हैं और इन तीनों के बारे में विस्तृत जानकारी देना ही सत्संग कहलाता है। आचार्यों ने यजमानों को संबोधित करते हुए विशेष रूप से जोर दिया कि जीवन को उन्नत बनाने और सुधारने में सत्संग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। कार्यक्रम में वैदिक संस्कृति के प्रख्यात विद्वान गौतम खट्टर, आचार्या निकिता आर्य, संदीप आर्य गिल, स्वामी सोमानंद सरस्वती, जयदेव शास्त्री और संदीप आचार्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम आर्य समाज के 150वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

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