भास्कर न्यूज | जालंधर शहर के युवा और सीनियर इंडस्ट्री संचालकों ने केंद्र सरकार के माहिरों की टीम से आईपीआर और कॉपीराइट के नियमों की जानकारी ली। लघु उद्योग भारती ने स्थानीय होटल में जागृति कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें उद्यमियों के यूनिक आइडिया और ब्रांड को चोरी होने से बचाने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के लुधियाना दफ्तर से माहिरों की टीम पहुंची थी। इसमें माहिरों ने कहा कि आज के दौर में मशीनरी से ज्यादा कीमती उद्यमी का ब्रांड और आइडिया है। इस दौरान लघु उद्योग भारती के पंजाब के सचिव विवेक राठौर ने कहा कि इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स की बारीकी हर उद्यमी को जाननी चाहिए। जागृति समारोह में जालंधर शाखा अध्यक्ष अनिरुद्ध धीर ने कहा कि अगर कोई इंडस्ट्री संचालक अपने ब्रांड का पेटेंट करवाना चाहता है, ब्रांड रजिस्ट्रेशन करवाना है तो केंद्र सरकार आर्थिक मदद भी देती है। भाजपा के जिला प्रधान सुशील शर्मा भी समारोह में पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक फरवरी को सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक देश के बजट सेशन की स्क्रीनिंग जालंधर के कारोबारियों के लिए होगी। तकनीकी सेशन में एमएसएमई विभाग से उप निदेशक वजीर सिंह, सहायक निदेशक (लुधियाना) कृष्ण कुमार, एनएसआईसी जालंधर के मनोज गौर और पुनीत शर्मा ने तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में जामा के प्रधान संजीव जुनेजा, अभिन दीवान, राघव धीर, राहुल अग्रवाल, आशीष शर्मा, अजय वर्मा, ललित भल्ला, भारत मल्होत्रा, सुमित दुग्गल, अमित दुग्गल आदि मौजूद रहे। 1. मार्केट में पहचान: इस दौरान आईपीआर विशेषज्ञ डॉ. राहुल पंचकुला ने बताया कि प्रतिस्पर्धी बाजार में ट्रेडमार्क और पेटेंट ही आपकी असली ताकत है। 2. सरकारी मदद: एमएसएमई मंत्रालय की आईपीआर स्कीम के तहत पेटेंट और ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता ले सकते हैं। 3. स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस: वर्कशॉप में 80 से अधिक उद्यमियों को बताया गया कि कैसे ऑनलाइन आवेदन कर वे अपने बिजनेस को सुरक्षित कर सकते हैं।


