आम बजट रविवार को पेश होगा। व्यापार जगत इस वित्तीय वर्ष के यूनियन बजट से विशेष उम्मीदें रखता है। उनका कहना है कि बजट राज्य-केंद्रित होना चाहिए और इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक निवेश, स्पेशल ट्रेड जोन और मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर को प्राथमिकता दे। छोटे व्यापारियों और एमएसएमई के लिए सस्ता ऋण, ब्याज में रियायत, जीएसटी सरलीकरण और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, हाउसिंग और सामाजिक क्षेत्रों में ठोस बजटीय प्रावधान रोजगार बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में मदद करेंगे। एमएसएमई को दें राहत : संजय जेसीपीडीए अध्यक्ष संजय अखौरी ने कहा कि बजट में छोटे व्यापारियों और एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष राहत की जरूरत है। उन्होंने जीएसटी सरलीकरण, सस्ते ऋण, ब्याज में रियायत देने की मांग की। स्पेशल ट्रेड जोन बने : रोहित चैंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने बजट में हेल्थकेयर, एजुकेशन, हाउसिंग और सस्टनेबिलिटी पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने प्रत्येक राज्य की राजधानी में स्पेशल ट्रेड जोन बनाने की मांग की। राज्य विकास का रोडमैप बने : महेश पूर्व चैंबर अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप होना चाहिए। बजट झारखंड 2050 को विकसित राज्य बनाने में मार्गदर्शक बने। करदाताओं के लिए राहत हो : कुणाल पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और सोशल सेक्टर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मध्यमवर्गीय करदाताओं के लिए राहत, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़े व टैक्स सरलीकरण जरूरी है। वनों की रक्षा के लिए राज्य को दें विशेष फंड : आदित्य चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष का यूनियन बजट झारखंड-केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक यूनिट्स में निवेश को प्राथमिकता देने की मांग की। कहा कि वनों की रक्षा के एवज में राज्य को विशेष केंद्रीय फंड दिया जाए।


