रांची डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमूय) में छात्रों का विरोध लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। इस बार तालाबंदी का कारण फूड फेस्टिवल को रद्द किया जाना रहा। छात्रों का आरोप है कि मैनेजमेंट के किसी भी छात्र संगठन ने फूड फेस्टिवल के खिलाफ कोई विरोध नहीं किया, इसके बावजूद प्रशासन ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया, जो मनमाना और छात्रहित के खिलाफ है। तालाबंदी के दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निर्णय वापस लेने की मांग की। तालाबंदी कर रहे छात्रों को समझाने के लिए फाइनेंस अफसर डॉ. अनीता मेहता ने प्रयास किया। इसके बाद डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार धरना स्थल पर पहुंचे, जहां छात्रों ने उन्हें घेर लिया और फूड फेस्टिवल रद्द करने की वजह पूछने लगे। बताते चलें कि पहले दो दिन फूड फेस्ट को रद्द करने के लिए तालाबंदी की गई थी। तालाबंदी कर रहे छात्रों और डीएसडब्ल्यू के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। डीएसडब्ल्यू ने साफ शब्दों में कहा कि कैंपस में किसी भी हालत में पकौड़ा या इस तरह की दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कहा कि पिछले वर्ष भी फूड फेस्टिवल के दौरान कैंपस में डीजे बजाया गया था, जिससे अन्य विभागों के छात्रों को अकादमिक समस्याओं का सामना करना पड़ा था। एमबीए के छात्रों ने बताया कि फूड फेस्ट भी स्किल डेवलपमेंट से जुड़ा कार्यक्रम है। फूड फेस्टिवल स्किल डेवलपमेंट गतिविधि का हिस्सा है, जो एमबीए छात्रों के लिए जरूरी है। छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर छीन रहा है। मौके पर बीए के डायरेक्टर डॉ. गणेश चंद्र बसु भी पहुंचे और डीएसडब्ल्यू से बातचीत कर स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की।


