भास्कर न्यूज | बालोद मानवता की मिसाल पेश करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के रिटायर्ड कर्मचारी बाबूराम कमल (79 वर्ष) का मरणोपरांत परिजनों ने देहदान किया। निधन के बाद बेटे ने पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर को भिलाई स्थित शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की टीम को सौंपा। शहर के मरारपारा निवासी बाबूराम कमल ने वर्ष 2016 में देहदान की घोषणा की थी। निधन के बाद परिजनों ने बालोद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। जिसके बाद शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम बालोद पहुंची और जरुरी प्रक्रिया कर पार्थिव शरीर को ले गई। बेटे दीपक सिंह ठाकुर ने बताया कि पिता की इच्छा थी कि उनके जाने के बाद भी उनका शरीर समाज या मेडिकल स्टूडेंट्स के काम आए। परिजनों ने शवयात्रा निकालकर मुक्तिधाम में अंतिम दर्शन व पूजा के बाद पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज की टीम को सौंप दिया। परिजनों ने सभी धार्मिक परंपराओं के साथ अंतिम विदाई दी। सीएमएचओ डॉ. जेएल उइके ने इस पहल को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि देहदान से मेडिकल छात्रों को प्रायोगिक, अध्ययन का अवसर मिलता है। देहदान का निर्णय समाज में जागरूकता लाने अनुकरणीय उदाहरण है।


