हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय किसान सभा ने निजी फाइनेंस कंपनियों की मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसान सभा के प्रतिनिधि रघुवीर वर्मा ने बताया कि ये कंपनियां गांव के भोले-भाले लोगों को कम ब्याज का लालच देकर उनकी जमीन और मकानों पर कर्ज देती हैं। कंपनियां मूल राशि पर मनमाना ब्याज लगाकर कर्जदारों से दस गुना तक वसूली करती हैं। जब गरीब और असहाय लोग इतनी बड़ी राशि चुका नहीं पाते, तो उनकी संपत्ति की कुर्की कर ली जाती है। विरोध करने वालों पर झूठे मुकदमे भी दर्ज किए जाते हैं। पीलीबंगा पुलिस थाने में एसके फाइनेंस कंपनी द्वारा किसान नेता मंगेज चौधरी, गोपाल बिश्नोई, चरणप्रीत सिंह और उनके परिवार पर झूठा मामला दर्ज कराया है। किसान सभा ने मांग की है कि ऐसे सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं और निजी कंपनियों द्वारा की जा रही मकान कुर्की और सीज की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो किसान सभा आंदोलन शुरू करेगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान सुरेंद्र शर्मा, वेद प्रकाश और मोहन लोहरा सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।


