राजस्थान में सरकार सहकारी भूमि विकास बैंकों के जरिए 130 करोड़ रुपए के लोन किसानों और लघु उद्यमियों को देगी। ये लोन 5 से 7 फीसदी की ब्याज दर पर लम्बे समयावधि के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। लोन देने की प्रक्रिया कई महीनों से रुकी पड़ी थी। इसके पीछे कारण नाबार्ड से रिफाइनेंस की मंजूरी नहीं मिलना था। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया- ये लोग एग्रीकल्चर और नॉन एग्रीकल्चर कार्यों के लिए दिया जाएगा। उन्होंने बताया- बजट घोषणा के अनुसार सरकार ने ये लोन देने का निर्णय किया है। नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों ने इस योजना के तहत लोन नहीं दिया है। पिछले दिनों नाबार्ड ने पुनर्वित्त जारी करने और एनसीडीसी की ओर से ब्याज दरों में कमी किए जाने के बाद अब लोन का वितरण शुरू किया जाएगा। 7 प्रतिशत की दर पर उपलब्ध करवाएंगे गौतम कुमार दक ने बताया कि सरकार की ओर से ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाए जाने के बाद भूमि विकास बैंक दीर्घकालीन कृषि ऋण 5.05 प्रतिशत और दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7 प्रतिशत की दर पर उपलब्ध करवाएंगे। आपको बता दें कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था। उनको भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किए हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं।


