51 मांगें पूरी और समस्याएं हल कराने के लिए मध्य प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी सड़क पर उतर आए हैं। मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है। मोर्चा ने चार चरण का आंदोलन घोषित किया है। जिसके तीसरे चरण में शुक्रवार को कर्मचारियों ने भोपाल में मंत्रालय एवं सतपुड़ा भवन के सामने और जिलों में कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि इस बार अनदेखी से काम नहीं चलेगा। सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन आगे बढ़ेगा। मोर्चा के अध्यक्ष एमपी द्विवेदी कहते हैं कि आंदोलन का चौथा चरण 16 फरवरी को है। इसके बाद सरकार के रुख को देखते हुए हम आगे की रणनीति तैयार करेंगे। वे कहते हैं कि आंदोलन को लेकर कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह है और इस बार आर-पार की लड़ाई होगी। मोर्चा के संयोजक महेंद्र शर्मा कहते हैं कि हमारी तैयारी कलमबंद हड़ताल से ऑफिसों में तालाबंदी तक की है। जरूरत पड़ी, तो यह होगा पर कब क्या किया जाएगा, इसका निर्णय समय-समय पर लेंगे। महारैली 16 को आंदोलन के चौथे चरण में 16 फरवरी को भोपाल में महारैली का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रदेशभर से मोर्चा के पदाधिकारी शामिल होंगे। यह रैली आंदोलन की दिशा तय करेगी। हालांकि इसे रोकने के प्रयास भी अभी से होने लगे हैं। कर्मचारी तुलसी नगर स्थित आंबेडकर पार्क में सभा करेंगे और मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। कर्मचारियों में बढ़ रहा आक्रोश आंदोलन के तीन चरणों तक सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने से कर्मचारियों ने नाराजगी बढ़ती जा रही है। वे कहते हैं कि सरकार को यह भी बताना पड़ेगा कि कर्मचारियों का आज भी मध्य प्रदेश और यहां की राजनीति में वजूद है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें ….


