पूर्वी राजस्थान में चांदी की सबसे बड़ी मंडी भरतपुर में चांदी के भावों में एक दिन में 1.10 लाख रुपए की गिरावट से सर्राफा बाजार में दहशत है। भावों में पल-पल भारी उतार-चढ़ाव है। इस कारण विवाद भी बढ़ रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इसलिए ज्वैलर्स खरीद-फरोख्त से बच रहे हैं। हाल ये है कि भास्कर रिपोर्टर ने 6 दुकानों पर सोना-चांदी खरीदने/बेचने की पेशकश की, लेकिन सभी ने कहा कि हाजिर में माल नहीं है, केवल सटोरिया ही सक्रिय है। इसलिए दोपहर 3 बजे से पहले किसी ने भी सौदा करने से इनकार कर दिया। अगले दो दिन यानी एक फरवरी को बजट आने वाला है, जिसमें संभावना जताई जा रही है कि सरकार ड्यूटी घटा सकती है। इसलिए भी बाजार में सौदे नहीं हो रहे हैं। शनिवार की दोपहर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में 10 ग्राम सोना 1.51 लाख रुपए और एक किलो चांदी 2.90 लाख रुपए थी, लेकिन हाजिर में इसके भाव 1.64 और 3 लाख रुपए बोले गए। सर्राफा संघ के अध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा कि हाजिर में माल और ग्राहक दोनों ही नहीं है। क्योंकि कई ज्वैलर्स लंबी चोट/नुकसान खाकर बैठे हैं। इसलिए अब केंद्रीय बजट के बाद ही कारोबार में तेजी आएगी। शादियों के सीजन में जेवर की डिमांड 80 फीसदी तक गिरी शादियों का सीजन पीक पर है। पूरे फरवरी लगातार और हैवी सावे हैं, लेकिन जेवरों की डिमांड ना के बराबर है। इस बार विवाद और बढ़ रहे हैं। ज्वैलर्स राजकुमार बंसल व मोनू काजलवाला ने बताया कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं कि बुकिंग के समय रेट कुछ था और बाद में कुछ और हो गया। 6 ज्वैलर्स से सौदे की बात कही, सभी ने किया इनकार भास्कर एक्सपर्ट – अतुल मित्तल, सीए और कॉमर्स एक्सपर्ट डॉलर गिरते ही सोना-चांदी की कीमतें होती हैं प्रभावित कॉमर्स विशेषज्ञ ट्रेड वॉर और जियो-पॉलिटिकल रिस्क के कारण सोने-चांदी को सेफ एसेट” माना गया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाने से डॉलर कमजोर हुआ। सोना-चांदी डॉलर में ट्रेड होते हैं, इसलिए डॉलर गिरते ही इनकी कीमतें उछल गईं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। साल 2025 में भी करीब एक हजार टन सोना खरीदा गया। चांदी का पचास प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल सोलर पैनल, ईबी बैटरी और चिप्स बनाने में होता है।


