रेवाड़ी में बढ़ते ‘क्राइम’ का राजस्थान कनेक्शन:कार लूट-सरपंच पर हमले के तार जुड़े, एक्सपर्ट बोले, सामाजिक और संस्कृतिक समानता, फरारी सेफ

रेवाड़ी जिला इन दिनों अपराध की एक ऐसी लहर की चपेट में है, जिसकी जड़ें बॉर्डर से सटे पड़ोसी राज्य राजस्थान तक फैली हुई हैं। धारूहेड़ा से बावल तक राजस्थान से सटी जिले की खुली सीमा पुलिस के लिए सिरदर्द और अपराधियों के लिए ‘एग्जिट गेट’ साबित हो रही है। दिसंबर से लेकर अब तक हुई बड़ी वारदातों के विश्लेषण से साफ है कि लूट, चोरी और हत्या जैसे संगीन मामलों में मुख्य सूत्रधार राजस्थान के बदमाश हैं। दिसंबर में हुई कार लूट, मंदिर में चोरी, गुगेल चोर गैंग और दो सरपंचों के बीच ‘चौधर’ को लेकर हुए हर विवाद में राजस्थान के अपराधियों का नाम जुड़ा है। दिसंबर से अब तक घटनाओं से कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। रायपुर के बवदेव मंदिर में चोरी
रायपुर के एतिहासिक बनदेव मंदिर में 6-7 जनवरी को चोरी हुई। पुलिस ने चोरी के आरोप में राजस्थान के तीन युवकों को गिरफ्तार किया। जिनमें रेवाड़ी के सीमा से जुड़े राजस्थान के गांव खेडाती निवासी मोहित साढे 18, बासली निवासी सचिन (20) और महावीर खेडा ठाकरान महावीर (24) शामिल थे। 12वीं पास 18 साल के मोहित ने इसकी साजिश रचि थी। ड्राइवर को गोली मारकर लूटी कार
राजस्थान के अजमेर निवासी पीएचडी स्कॉलर देवांशु ने यूपी आजमगढ़ निवासी शुभम के साथ दिल्ली रेलवे स्टेशन से जयपुर के लिए टैक्सी किराए पर ली। बनीपुर चौक पर ड्राइवर संजय को गोली मारकर टैक्सी लूटी और संजय को फेंककर फरार हो गए। इस मामले का मास्टरमाइंड भी राजस्थान के अजमेर निवासी देवांशु ही था। सरपंचों की लड़ाई से जुड़े तार
गांव माजरा और भाखली गांव के सरपंचों के बीच 19 से 26 जनवरी के बीच दो बार भिड़ंत हुई। 19 को माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी और 26 को भालखी के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र उर्फ डालिया पर हमला हुआ। सुरेंद्र डालिया पर हुए हमले के आरोपी में गिरफ्तार कोटपुतली बहरोड़ के गांव काठुवास निवासी साहिल व राजस्थान के जिला कोटपुतली बहरोड़ के गांव परतापुर निवासी पंकज को गिरफ्तार किया है। हमले में प्रयोग हथियार भी हमलावरों में शामिल परतापुर के रवि के खेत से बरामद हुए हैं। काली का भी राजस्थान से नाता
चोरी की तीन दर्जन मामलों में नामजद गुगेल चोर गिरोह के तार भी राजस्थान से जुडे हैं। महेंद्रगढ़ के गांव पड़तल निवासी काली की शादी भी राजस्थान में हुई थी। जो अपने पिता की मौत के बाद मायके आकर बस गई। काली ने अपने बच्चों के साथ चोर गिरोह बनाया। काली व उसका बेटा विजय 10-10 हजार और बेटी पिंकी पांच हजार की इनामी बदमाश हैं। दूसरे जिलों से भी जुड़े तार
रेवाड़ी के अंकित उर्फ चमन और बहाला निवासी कारोबारी मोहन के चर्चित हत्याकांड से भी बाहरी बदमाशों के नाम जुड़े है। मोहन हत्यकांड में सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। चमन हत्याकांड में रेवाड़ी के गोकलगढ़ के इनामी बदमाशों के साथ रोहतक, जींद के आरोपियों के नाम जुड़े है। चोरी, स्ननेचिंग में मेवात, फरीदाबाद, नारनौल, गुरुग्राम जैसे पड़ोसी जिलों का नाम जुड़ता रहा है। एक्सपर्ट से जानिए कारण सेक्टर-3 निवासी रिटायर्ड पुलिस अधिकारी सर्वसुख यादव ने कहा कि इसके कई कारण है। सीमा पर होने के कारण राजस्थान के सामाजिक और संस्कृति जुड़ाव सबसे अहम है। राजस्थान से यहां लोग काम करने के लिए आते हैं। झुग्गी झोपड़ियों में आश्रय लेते है। अपराधी अक्सर पहले भागने का सेफ रास्ता देखता है, फिर वारदात करता है। यहां से भागना भी सेफ है। आज का युवा बिना काम लग्जरी जीवन जीन की चाह रखता है। जिन्हें पूरा करने के अपराध का शॉर्टकट रास्ता उन्हें सबसे आसान दिखाई देता है। इसे रोकने के लिए हमें कानूनी कार्रवाई के लिए सामाजिक स्तर पर सोच में भी बदलाव लाना होगा।

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