जिला कलेक्टर कानाराम के निर्देशन में शुक्रवार को सीएचसी संगरिया में मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 10 नए मरीजों ने मनोचिकित्सक से काउंसलिंग के बाद नशा छोड़ने का प्रण लिया। मनोचिकित्सक डॉ. रिपुदमन सिंह ने शिविर में आए 124 मरीजों की काउंसलिंग की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को खण्ड सीएचसी संगरिया में नशामुक्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. रिपुदमन सिंह और सीएचसी इंचार्ज डॉ. अरविंद शर्मा ने मरीजों की जांच की। डॉ. शर्मा ने बताया कि सीएचसी संगरिया में आयोजित कैम्प में 124 मरीज उपचार के पहुंचे, जिनमें से 34 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 10 नए मरीजों ने नशा छोड़ने की इच्छा जताई, जिनकी काउंसलिंग कर उपचार किया गया। पूर्व में आयोजित नशामुक्ति शिविर में अपना उपचार करवा चुके 9 मरीज पुन: उपचार लेने के लिए शिविर में पहुंचे। शिविर के दौरान 16 मरीजों ने बताया कि वे चिट्टा एवं मेडिकेटेड नशों का सेवन करते थे। संगरिया में आयोजित नशा मुक्ति शिविर के दौरान अब तक दो मरीज उपचार एवं काउंसलिंग से नशों का सेवन करना बंद कर चुके हैं। शिविर में मरीजों एवं उनके परिजनों को नशों के दुष्प्रभाव से परिवार एवं समाज पर होने वाले हानिकारक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। अंत में सभी मरीजों एवं उनके परिजनों को नशा ना करने की शपथ दिलाई।


