जगराओं के अखाड़ा गांव में गैस फैक्ट्री के विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौदा के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह धनेर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं और पुरुष पूरी रात हठूर-जगराओं लिंक रोड पर धरने पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी कीमत पर गांव में फैक्ट्री नहीं लगने देंगे। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जहां फैक्ट्री मालिकों द्वारा दायर की गई रिट याचिका पर पंजाब सरकार ने तीनों स्थानों से धरना हटाने का आश्वासन दिया है। अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की गई है। प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह धनेर ने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अखाड़ा गांव के लोगों पर किसी भी प्रकार के सरकारी अत्याचार का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने भूंदड़ी गांव में कैंसर गैस फैक्ट्री के विरोध में चल रहे एक वर्षीय धरने को तोड़ने के प्रयास को सरकारी दमन करार दिया। उनका आरोप है कि भगवंत मान सरकार समन्वय समिति के साथ बैठकों में दिए गए आश्वासनों के विपरित पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। किसान बोले- नहीं लगने देंगे फैक्ट्री किसान नेताओं अमनदीप सिंह, जगरूप सिंह, सुखचैन सिंह राजू सहित अन्य ने स्पष्ट किया कि कोर्ट का फैसला और सरकारी दबाव कुछ भी हो, वे कैंसर फैलाने वाली गैस फैक्ट्री को किसी भी कीमत पर नहीं लगने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि चाहे जमीन बेचनी पड़े या घर का खर्च बढ़े, वे अपने स्वास्थ्य से समझौता नहीं करेंगे। सरपंच जसवीर सिंह, हरदेव सिंह अखाड़ा, जगदेव सिंह अखाड़ा, किसान नेता हाकम सिंह, कुलवंत सिंह, गुरविंदर सिंह गोगी, निर्मल सिंह, रछपाल सिंह, हरजीत सिंह, सुरजीत सिंह आदि मौजूद थे।


