केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के तीन राज्यों—छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल—के लिए माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया है। सरकार का दावा है कि इससे खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस घोषणा को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बजट और माइनिंग कॉरिडोर के फैसले पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ‘चहेते उद्योगपतियों को बेचने की तैयारी’
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार अपने चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले ढाई साल में सरकार छत्तीसगढ़ के माइनिंग कॉरिडोर को अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को बेचने की तैयारी में है। बैज ने कहा कि राज्य में पहले से ही लगातार खनन हो रहा है और अब इस फैसले के जरिए पूरे छत्तीसगढ़ को बेचने की कोशिश की जा रही है। ‘छत्तीसगढ़ को बजट में कुछ नहीं मिला’
दीपक बैज ने बजट 2026 को छत्तीसगढ़ के साथ धोखा बताते हुए कहा कि इस बजट में राज्य के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ठगने का काम किया है। बैज ने कहा कि बजट में क्षेत्रीय असमानता साफ दिखाई दे रही है और जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव हैं, वहां राजनीतिक लाभ लेने के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। किसान, गरीब और महंगाई का मुद्दा
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साल भी सरकार ने दावा किया था कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और इस बार भी वही बात दोहराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने बजट भाषण में झूठ बोलने का काम किया है। दीपक बैज ने कहा कि इस बजट ने किसानों को ठगने का काम किया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं किए और न ही एक्साइज ड्यूटी घटाई गई। शेयर बाजार का भी जिक्र
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि बजट आते ही शेयर बाजार गिर गया, क्योंकि न तो महंगाई कम करने के ठोस उपाय किए गए और न ही गरीब और मध्यम वर्ग को कोई राहत दी गई। कुल मिलाकर, बजट 2026 और माइनिंग कॉरिडोर को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में टकराव तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।


