सबको साथ लेकर चलना ही सनातन धर्म की मूल भावना

भास्कर न्यूज | चिरमिरी पर्वत श्रृंखला से घिरे मनोरम स्थल पंचवटी पहाड़ पर स्थित मां काली मंदिर परिसर में मां की बगिया सेवा समिति की ओर से विवेक महाराज के सानिध्य में 9 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा की शुरुआत की गई। कथा के पहले दिन में भक्ति, आस्था और उल्लास के साथ हजारों की संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा में सहभागिता कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। कलश यात्रा की शुरुआत हल्दीबाड़ी शिव मंदिर से किया गया, जो नगर भ्रमण करते हुए पंचवटी पहाड़ की ओर बढ़ी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ती रहीं थी। पंचवटी पहाड़ के तुर्रा स्थल से पवित्र जल लेकर कलशों को कथा स्थल पर विधिवत स्थापित किया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र जय माता दी के जयघोष से गूंज उठा। कथा के दौरान कथावाचक विवेक महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना सबको साथ लेकर चलने की है। उन्होंने कहा कि देवी भागवत कथा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग का कल्याण करना है। कथा के माध्यम से माता के विभिन्न स्वरूपों की महिमा का वाचन 9 दिनों तक किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं में धर्म, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके। विवेक जी महाराज ने कहा कि देवी की आराधना से न केवल व्यक्ति का बल्कि पूरे क्षेत्र का कल्याण संभव है। मां दुर्गा, मां काली, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के विविध रूपों की कथा सुनकर भक्त अपने जीवन में शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। कथा आयोजन को लेकर मां की बगिया सेवा समिति के डॉ. गौतम विश्वास व प्रमोद सिंह ने कहा कि पंचवटी पहाड़ पर श्रद्धालु महिलाओं व क्षेत्रवासियों के सहयोग से मां की बगिया का निर्माण किया है। यहां श्रद्धालुओं द्वारा स्थापित मां काली की प्रतिमा की नियमित पूजा-अर्चना की जाती है। समिति का उद्देश्य इस पवित्र स्थल को आस्था और साधना का केंद्र बनाना है। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रवासियों, श्रद्धालुओं व आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से नौ दिवसीय देवी भागवत कथा आयोजित की जा रही है। आयोजन में सेवा समिति के सभी पदाधिकारी व सदस्य सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में धर्म और संस्कृति के प्रति गहरी आस्था है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *