पोलमी| क्षेत्र के ग्राम कामठी में इन दिनों आध्यात्मिक उत्सव का माहौल है। 29 जनवरी से प्रारंभ हुई इस कथा में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। इस धार्मिक आयोजन की कथा वाचिका साध्वी पं. नीलम गायत्री है। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्शों, उनके मानवीय मूल्यों का चित्रण किया। उन्होंने बताया कि रामकथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों में इस कथा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि क्षेत्र की सुख-शांति और आध्यात्मिक जागृति के उद्देश्य से इस वृहद आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई थी। भक्तों के लिए बैठने, पेयजल और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है। कथा के अंतिम दिन दो फरवरी को पूर्णाहुति और भंडारा होगा।


