केंद्र सरकार के बजट पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बयान दिया है। डोटासरा ने सीकर आवास पर मीडिया से बातचीत में इस बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री 2 साल में 60 दफा दिल्ली जा चुके हैं। लेकिन इस बजट में राजस्थान के लिए एक रुपया भी नहीं लेकर आ सके। यदि विधानसभा चुनाव की तरह पर्ची मिल जाती तो उसमें भी कुछ ना कुछ मिल जाता लेकिन इस बार तो बिल्कुल शून्यता है। डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट बहुत निराशाजनक है। इसमें गरीब,दलित,पिछड़े लोगों और पिछड़े इलाकों के लिए, ग्रामीण परिवेश की मजबूती के लिए कुछ भी नहीं है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 2 साल में कम से कम 60 बार दिल्ली गए। लेकिन वह एक भी रुपया कोई विशेष पैकेज के रूप में नहीं ले पाए। राजस्थान के लिए एक भी तोहफा नहीं ला पाए। आज राजस्थान में पर्यटन की बहुत संभावना है,उसके लिए कोई विशेष पैकेज नहीं है। जल जीवन जैसे मिशन की मांग राजस्थान में कांग्रेस पार्टी कर रही थी लेकिन उसके लिए भी कोई विशेष पैकेज नहीं। एनसीआरपी राष्ट्रीय परियोजना की बात मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बार-बार कह रहे थे उसकी भी बजट में कोई बात नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में आकर घोषणा की थी लेकिन उसके लिए भी कुछ नहीं मिला। न ERCP, न मानगढ़ धाम, न पर्यटन ,न जल जीवन मिशन के लिए केंद्र के बजट में कोई घोषणा हुई है। बजट ने राजस्थान को निराश किया है। कर्मचारी इनकम टैक्स स्लैब में राहत की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उसमें भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। शेयर मार्केट धड़ाम से गिरा है,हाहाकार मचा हुआ है। एक तो यह बजट किसी भी वर्ग के लिए राहत देने वाला नहीं है। दूसरी तरफ राजस्थान में जहां हमेशा पानी की कमी रहती है उसे दूर करने के लिए भी इस बजट में कोई घोषणा नहीं है। केंद्र सरकार ने 1 साल में 2 करोड लोगों को रोजगार देने की बात कही थी लेकिन रोजगार के लिए कोई घोषणा नहीं की गई। सोने और चांदी को लेकर जो असंतुलन बना हुआ है। सस्पेंस बना हुआ है कि कब क्या होगा,किस तरह से होगा। राजस्थान के लोग बांसवाड़ा रेल परियोजना के लिए उम्मीद कर रहे थे लेकिन इस बजट में उसके लिए भी कोई घोषणा नहीं की गई है। डोटासरा ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि आप 2 साल में 60 दफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह,केंद्रीय मंत्रियों से मिलने गए। 2 दिन पहले भी मुख्यमंत्री कई केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर आए। लेकिन मुख्यमंत्री को उनसे मिला क्या। आप तो किसान की इनकम दोगुनी करने की बात कर रहे थे लेकिन आपने तो उस पर दोगुनी मार डाल दी है। किसी भी देश के बजट के बाद में अगर वहां के शेयर मार्केट में गिरावट आती है तो आप समझ सकते हैं कि उस बजट से जो लोगों को उम्मीद थी उस पर वह बजट खरा नहीं उतर सका। राजस्थान को जिस तरह विधानसभा चुनाव के बाद पर्ची मिली थी,इस बजट में तो वह पर्ची भी नहीं मिली है। अगर पर्ची भी मिल जाती तो उसमें कुछ ना कुछ तो निकलता ही। लेकिन यहां पर तो बिल्कुल शून्यता है। भाजपा नेताओं के द्वारा बजट को बेहतरीन बताने की बात पर डोटासरा ने कहा कि उन्हें तो अपनी नौकरी चलाने के लिए, आलाकमान को खुश करने के लिए ऐसा करना ही पड़ेगा। आप देखना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के नेता कहेंगे कि बस 2047 में विकसित भारत हो जाएगा। किसने देखा है 2047, आज लोगों को खाने को रोटी नहीं मिल रही है। लोगों के पास रोजगार नहीं है। कर्मचारी परेशान है लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। कर्मचारी का वेतन तो 15 दिन में ही खत्म हो रहा है। उसके लिए बाकी 15 दिन का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। इस बजट में केवल और केवल तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों को फोकस किया गया है जहां पर आगामी दिनों में चुनाव है। अभी राजस्थान में 3 साल चुनाव नहीं होने हैं इसलिए राजस्थान को फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई है। हमारी जीएसटी टैक्स से जो पैसा जाता है उस पर तो हमारा हक है। उसके मुताबिक तो राजस्थान के लिए कोई घोषणा होनी चाहिए थी।


