धौलपुर में रविवार को भार्गव वाटिका में एक विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इसमें संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य हिन्दू जागरण को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करना था। मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, सनातन धर्म और सामाजिक एकता को सशक्त करना रहा। वक्ताओं ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवा पीढ़ी से सनातन मूल्यों को अपनाने और समाज को संगठित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। हिन्दू समाज से एकजुट रहने का आह्वान
वक्ताओं ने हिन्दू समाज से एकजुट रहने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। सम्मेलन में अनुशासन, सेवा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। महिलाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी
आयोजन स्थल को पारंपरिक रूप से सजाया गया था, जिससे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग अपने परिवारों के साथ सम्मेलन में शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक चेतना जगाने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और समाजहित में कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों की सफलता समाज की सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करती है।


