गुप्त वृंदावन धाम में मनाई गई नित्यानंद त्रयोदशी:21 प्रकार के फलों से महाभिषेक, श्री श्री कृष्ण बलराम को 56 भोग अर्पित

जयपुर के जगतपुरा स्थित गुप्त वृन्दावन धाम में नित्यानंद त्रयोदशी मनाई गई। यह पर्व नित्यानंद महाप्रभु के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें श्री बलराम का अवतार माना जाता है। पस अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया। सुबह से ही श्री श्री कृष्ण बलराम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर पहुंचने लगी और दिनभर आवाजाही बनी रही।
पालकी यात्रा के दौरान गूंजे ‘गौर निताई’ के जयकारे
नित्यानंद त्रयोदशी के मौके पर श्री श्री गौर निताई को पालकी में विराजमान कर मंदिर परिसर में भ्रमण कराया गया। पालकी निकलते ही भक्तों ने ‘गौर निताई’ के जयकारे लगाए। भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आयोजन में शामिल हुए, जिससे गुप्त वृन्दावन धाम का माहौल भक्तिमय बना रहा।
महाभिषेक और विशेष श्रृंगार का आयोजन
इस अवसर पर मंदिर में श्री श्री गौर निताई के विग्रह का पंचगव्य, 21 प्रकार के फलों के रस, औषधियों और पुष्पों से महाभिषेक किया गया। इसके साथ ही श्री श्री कृष्ण बलराम का विशेष फूलों से श्रृंगार किया गया और 56 भोग अर्पित किए गए।
गुप्त वृन्दावन धाम में नित्यानंद त्रयोदशी को लेकर तीन दिवसीय नित्यानंद कथा का आयोजन किया गया है। प्राकट्य दिवस पर मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन चलते रहे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
बलराम की कृपा से ही संभव है कृष्ण भक्ति
मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि नित्यानंद महाप्रभु श्री बलराम के अवतार हैं और उनका प्राकट्य दिवस भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि बलराम की कृपा के बिना कृष्ण भक्ति को प्राप्त करना संभव नहीं माना जाता, इसी कारण नित्यानंद त्रयोदशी का पर्व श्रद्धालुओं के लिए खास है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *