डूंगरपुर में माघ पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को जेठाणा मुख्य मार्ग पर श्री आंजनेय धाम मंदिर निर्माण का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान 9 शिलाओं का पूजन एवं स्थापना के साथ निधि कुंभ की भी स्थापना की गई। डॉ. विनोद भट्ट (दादा गुरु) और दीपा पंड्या भट्ट ने बताया कि दादा गुरु ने मात्र 8 वर्ष की आयु में हनुमानजी के मंदिर निर्माण का सपना देखा था। मां गायत्री की नियमित साधना और वर्षों की तपस्या के बाद अब यह सपना साकार हो रहा है। संतोष द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
वर्तमान में लगभग 4 बीघा भूमि पर मंदिर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यहां जाग्रत हनुमान मंदिर के साथ एक पूर्ण साधना केंद्र भी विकसित किया जाएगा। मंदिर का निर्माण पूरी तरह से सफेद मार्बल से किया जाएगा, जिसे राजसमंद से मंगवाया गया है। इसमें लगभग 40 हजार क्यूबिक फीट मार्बल का उपयोग होगा। प्रस्तावित मंदिर 73 फीट ऊंचा, 64 फीट चौड़ा और 177 फीट लंबा होगा, जो क्षेत्र में आस्था का प्रतीक बनेगा।
भागवताचार्य हरीश पंड्या ने बताया कि मंदिर में जयपुर और मकराना से विशेष मार्बल का उपयोग किया जाएगा। हनुमानजी की प्रतिमा में डायमंड, चंदन और स्वर्ण कोटिंग का आकर्षक कार्य होगा। निर्माण कार्य के लिए पिंडवाड़ा से अनुभवी कारीगर बुलाए गए हैं। इस अवसर पर अमीत भट्ट, चिरायु भट्ट, करण भट्ट, निक्की भट्ट, प्रसिद्धि भट्ट, भारती भट्ट, भुवनेश्वर पंड्या, आस्था पंड्या, यज्ञ पंड्या, नम्रता पंड्या, सुनील व्यास, हिना व्यास, निपुण व्यास, दीया व्यास, रागिनी भट्ट, मुकेश पाठक और अल्पना पाठक सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


