भास्कर न्यूज | जामताड़ा जामताड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार साइबर अपराधी इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे और उनसे 16 अंकों का एटीएम नंबर, सीभीभी नंबर और ओटीपी प्राप्त कर ठगी का शिकार बनाते थे। लोगों के बैंक खते से जुड़ी जानकारी हांसिल करने के बाद साइबर अपराधी विभिन्न ई वॉलेट और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से ग्राहकों के खातों से धनराशि ट्रांसफर कर लेते थे। इस प्रकार की धोखाधड़ी के माध्यम से वह लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकरीब ने शुक्रवार को साइबर थाना में प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस निरीक्षक बिहारी मरांडी के नेतृत्व में साइबर अपराध थाना जामताड़ा की टीम ने नारायणपुर थाना अंतर्गत ग्राम केन्दुआटांड़ (रघुनाथपुर) के जंगल में छापामारी की। मौके से गिरफ्तार साइबर अपराधी जितेन्द्र मंडल उम्र 26 वर्ष ग्राम निवासी झिटरी, थाना ताराटांड़, जिला गिरिडीह, वर्तमान पता ग्राम मुरलीपहाड़ी, थाना नारायणपुर, जिला जामताड़ा, विकाश दास उम्र 22 वर्ष ग्राम लोकनियों, थाना नारायणपुर, जिला जामताड़ा, जाकीर अंसारी उम्र 26 वर्ष ग्राम नयाडीह, थाना नारायणपुर, जिला जामताड़ा, भरत मंडल उम्र 42 वर्ष, ग्राम कोरबंधा, थाना: ताराटांड़, जिला गिरिडीह का निवासी है। इन अपराधियों के खिलाफ जामताड़ा साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और गिरफ्तार कर उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए जेल भेजा गया है। बरामद की गई सामग्री इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जो अपराधियों के द्वारा साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाते थे। बरामद किए गए सामान की सूची में मोबाईल – 12, मोबाइल सिम कार्ड-14, आधार कार्ड – 01, पैन कार्ड – 01 इन सामानों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों के द्वारा धोखाधड़ी और ठगीकी घटना को अंजाम देने के लिए कर रहे थे। छापेमारी के बाद सभी समानों को जब्त कर लिया गया है, और गिरफ्तार लोगों से मिली जानकारी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि अपराधियों के अन्य नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। गोपनीय जानकारी न दें : एसपी पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारीब ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखें और ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से बचें, जो साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी के लिए भेजे जाते हों। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और उनके नेटवर्क को नष्ट करने के लिए आगे की जांच जारी रहेगी।


