भास्कर न्यूज | सिमडेगा जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी से जिला के चार प्रखंड सिमडेगा, कुरडेग, जलडेगा और कोलेबिरा में विशेष अभियान चलाया जाएगा। आईडीए कार्यक्रम के तहत 382194 लोगों को दवाएं दी जाएगी। इस बाबत सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन सभाकक्ष में सिविल सर्जन डाक्टर रामदेव पासवान की अध्यक्षता में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सिविल सर्जन ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है। इसके लक्षण उभरकर आने में 10 वर्ष भी लग जाते हैं। ऐसे में हम सभी सावधानी बरतकर एवं बचाव कर फाइलेरिया संक्रमण से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मुक्त जिला बनाने के लिए जिले के चार प्रखंड में 10 फरवरी से अभियान प्रारंभ होगा, जो 25 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे जिले में लोगों की सैंपल जांच की गई थी। जिसमें सिमडेगा,कोलेबिरा,जलड ेगा और कुरडेग के लोगों में फायलेरिया की खतरा अधिक देखने को मिली। इसलिए इन चार प्रखंड में इस अभियान को चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2 वर्ष से ऊपर के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी दवा दी जाती है। वहीं 2 साल के ऊपर वाले बच्चे को एक दवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि हाइट और उम्र के हिसाब से दवा दिया जाता है। उम्र के हिसाब से डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा दी जाती है। वहीं हाइट के हिसाब से आइवरमेक्टिन की दवा दी जाती है। उन्होंने सभी जिलेवासियों से फाइलेरिया रोधी दवा खाने की अपील की है। जिससे कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। सीएस ने बताया कि अभियान में 382194 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मौके पर उन्होंने बताया कि अभियान के सफल आयोजन को लेकर कई रणनीति भी बनाई गई है।


