भास्कर न्यूज | सिमडेगा जिला विधिक सेवा प्राधिकार और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को सदर अस्पताल सभागार में पारा लीगल वॉलेंटियर के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम,सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. आनन्द खाखा, असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल आदि मौजूद थे। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले फाइलेरिया मुक्ति अभियान और जिले में चल रहे 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सिविल सर्जन डा पासवान ने कहा कि जिले को फाइलेरिया और यक्ष्मा मुक्त बनाने के लिए सबों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि पीएलवी क्षेत्र के लोगों को इसके लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य समाज के निर्माण में सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र आदि जगहों में कैंप लगाकर सभी को दवा खिलाया जाएगा। इसके लिए पीएलवी अपने अपने क्षेत्र के लोगों को जागरूक करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे भी ग्रामीणों को जानकारी दें। प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि सभी पारा लीगल वॉलेंटियर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं। यह एक सामाजिक कार्य है। जिस तरह डालसा द्वारा संचालित कार्यक्रम को आप सफल बनाते हैं। उसी तरह इस कार्यक्रम को भी सफल बनाने में सभी पीएलवी योगदान दें। सचिव ने कहा कि आपसी समन्वय बनाते हुए 90 दिवसीय आउटरीच जागरूकता अभियान के तहत भी लोगों को इसके बारे जागरूक करें। कार्यशाला में डॉ. आनन्द खाखा ने भी फाइलेरिया अभियान के बारे जानकारी दी। इससे पूर्व सलाहकार सुशांत कुमार ने बताया कि जिले के बोलबा, ठेठईटांगर और बानो प्रखंड को छोड़कर सभी प्रखंडों में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने अन्य जानकारियां दी। कार्यक्रम में विकास कर्मकार, संतोष पंडा, प्रदीप कुमार, देवेश कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी व जिले के सभी पारा लीगल वॉलेंटियर मौजूद थे।


