भास्कर न्यूज | कवर्धा आचार्य 1008 जिन मनोज्ञसूरि महाराज के शिष्य और घोर तपस्वी संत कल्पज्ञ सागर महाराज का अस्वस्थता के चलते िनधन हो गया। आगर (मालवा) में संत नमि महाराज का आकस्मिक निधन हुआ। वहीं जोधपुर में ज्ञान गच्छाधिपति प्रकाश चंद महाराज के शिष्य पूज्य गुलाब मुनि महाराज का महाप्रयाण हो गया। 24 घंटे में तीन जैन संतों के निधन से जैन समाज में शोक की लहर है। बुधवार को जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ कवर्धा ने जैन मंदिर परिसर के चोपड़ा हाल में गुणानुवाद सभा आयोजित की गई। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। सामूहिक नवकार महामंत्र जाप के बाद संघ अध्यक्ष अजय टाटिया ने सभा का संचालन किया। उन्होंने तीनों संतों के प्रेरणादायक और आदर्श जीवन के बारे में बताया। संघ सदस्य लक्ष्मी चंद छाजेड़ ने बताया कि गुलाब मुनि महाराज का सांसारिक नाम किशनलाल छाजेड़ था। उनका जन्म राजस्थान के बालेसर जिले के बलेवा गांव में हुआ था। समय के साथ सांसारिक मोह से विरक्ति हुई और वे संयम मार्ग की ओर अग्रसर हो गए। भीषम चंद लूनिया ने गुलाब मुनि महाराज के साथ बिताए अविस्मरणीय क्षणों को याद किया। मोक्ष प्राप्ति की कामना: संघ के पूर्व अध्यक्ष खुशाल टाटिया ने तीनों संतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मोक्ष प्राप्ति की कामना की। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मंत्री गेंदमल मोदी ने कहा कि तीनों संत जिन शासन की शान थे। उनकी महिमा शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती।


