डीग के खोहरी गांव में मंदिर की जमीन पर खेती के विवाद में गुरुवार रात दो जगह फायरिंग हो गई। जिसमें जेल से छूटकर लौट रहे युवक को निशाना बनाया, फिर उसके घर जाकर चाचा-भतीजे पर गोलियां चलाईं। इस हमले में एक की मौत हो गई और 2 गंभीर घायल हैं। 10 दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। घटना लालजी महाराज मंदिर की जमीन पर खेती को लेकर पुरानी रंजिश के चलते हुई थी। घायलों को आरबीएम हॉस्पिटल भरतपुर रैफर किया गया था, जहां हरिओम जाट की मौत हो गई। दो अन्य घायलों को जयपुर रैफर किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया है। सदर थाना प्रभारी कैलाश चंद गुर्जर ने बताया कि गुरुवार को रात्रि में करीब साढ़े 10 बजे पर सूचना मिली कि गांव खोहरी में झगडा हो रहा है। वहां पहुंचे तो 45 वर्षीय हरिओम और उसका पुत्र 17 वर्षीय गौरव घायल अवस्था में मिले। जिन्हें डीग ले जाकर रेफरल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इससे पूर्व दूसरे पक्ष का अतरसिंह पुत्र नेतराम जाट निवासी खोहरी भी घायल अवस्था में डीग के रेफरल चिकित्सालय में भर्ती हुआ था। सभी को आरबीएम अस्पताल भरतपुर रैफर कर दिया गया। वहीं बहताना जेल से आगे गांव खोहरी की तरफ सरसों के खेत में 23 वर्षीय प्रदीप पुत्र हरीचन्द जाट छर्रे लगने से घायल हालत में मिला जिसे आरबीएम हॉस्पिटल भरतपुर रैफर कर दिया गया। वहीं भरतपुर में हरिओम की इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल से छूटने के बाद हुआ विवाद एएसआई हरवीर सिंह ने बताया ओमप्रकाश की शिकायत पर पुलिस ने हरपाल के भतीजे प्रदीप और चेचेरे भाई मोहन सिंह व गुलजार को गिरफ्तार किया था। तीनों को जेल भेज दिया गया था। गुरुवार सायं प्रदीप, मोहन सिंह, और गुलराज तीनों जेल से रिहा होकर लौट रहे थे तब ओमप्रकाश और उसके साथियों ने घेर कर उन पर हमला कर दिया था। जिसमें मोहन सिंह और गुलजार तो भाग निकले थे। छर्रे लगने से प्रदीप घायल हो गया। आरोपियों ने रात्रि में हरिओम के घर पहुंच कर गाली गलौज की जब हरिओम जाट अपने 16 वर्षीय बेटे गौरव के साथ घर से बाहर आया तो हमलावरों ने उन पर अवैध बंदूक से फायरिंग की । जिसमें छर्रे लगने से हरिओम और गौरव गंभीर रूप से घायल हो गए। भास्कर इंवेस्टिगेशन – हाईकोर्ट के आदेश पर बोली लगाकर खेती के लिए दी जाती है 400 बीघा जमीन दो पक्षों में हुई फायरिंग की वजह खोहरी गांव की 400 बीघा जमीन है। जिस पर खेती करने को लेकर विवाद चल रहा है। जानकारी के अनुसार 400 बीघा जमीन लालजी मंदिर के नाम है। जिस पर खेती करने के लिए बोली लगाई जाती है। जो भी किसान ज्यादा बोली लगाता है वही उसमें खेती करता है। इससे पहले ग्रामीण जमीन पर अतिक्रमण कर खेती करते थे। मंदिर के महंत डॉ. कौशल किशोर ने हाईकोर्ट में अपील की। जिस पर हाईकोर्ट ने बोली के हिसाब से खेती करने का आदेश दिया। वहीं ग्रामीण महंत पर जमीन के रुपए बाहर भिजवाने के आरोप लगा चुके हैं। 2 साल पहले शुरू हुआ था विवाद ग्रामीणों ने बताया है कि करीब 2 वर्ष पहले मृतक हरिओम जाट पक्ष के मुखिया मान सिंह ने मंदिर की जमीन बोली लगाकर ठेके पर ली थी। जिस पर ओम प्रकाश ग्रुप जिसका मुखिया विजय सिंह बगैरा ने उक्त जमीन पर जबरन ट्रैक्टर की सहायता से मेज चला दी थी। जिस पर झगड़ा हुआ था और पुलिस में भी मुकदमे दर्ज हुए थे।


