सरकार ने मांगी रिपोर्ट:विदेशों से MBBS कर कितने डॉक्टर राज्य में नौकरी कर रहे

सरकार ने विदेशों से एमबीबीएस की डिग्री लेकर राजस्थान में इलाज कर रहे डॉक्टर्स की जानकारी मांगी है। सीएस सुधांश पंत ने इस सम्बन्ध में राजस्थान मेडिकल काउंसिल से पिछले 3 साल की जानकारी मांगी है। इसके बाद तय किया जाएगा कि विदेशों से डिग्री लेने के बाद कितने डॉक्टर राजस्थान के किन-किन जिलों में नौकरी कर रहे हैं। सरकार की ओर से यह जानकारी मांगे जाने के बाद काउंसिल यह डेटा जुटाने में लग गई है और कुछ दिनों में इसकी पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। दो दिन पहले सीएस की ओर से सभी काउंसिल की बैठक ली गई थी। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और कई मामलों में जरूरी आदेश भी दिए गए हैं। सामने आया है कि विदेशों से एमबीबीएस का डेटा लेने के पीछे उद्देश्य यह है कि सरकार यह पता करना चाह रही है कि किन देशों से सबसे अधिक एमबीबीएस हो रही है। कितने स्टूडेंट कितने साल में एमबीबीएस और कितना खर्च कर रहे हैं। साथ ही कोशिश यह भी होगी कि प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने के बावजूद विदेशों में स्टूडेंट नहीं जाएं और यहां कम खर्च में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। आरएमसी में नियमित कर्मी आएंगे, रिटायर्ड हटेंगे सीएस ने बैठक में कहा कि आरएमसी में रिटायर कर्मियों की जगह नियमित कर्मी ही लगाए जाएं और व्यवस्था और काम को सुचारू किया जाए। इससे पूर्व भी आरएमसी रजिस्ट्रार डॉ. गिरधर गोयल इस मामले को लेकर सरकार के पास रिमाइंडर भेज चुके हैं और माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में रिटायर्ड हो चुके कर्मियों को यहां से हटा कर स्थायी नियुक्ति की जाएगी। इसका फायदा यहां होने वाली गड़बड़ियों को रोका जाना है।

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