देश की सीमाओं पर तैनात रहकर देश की सुरक्षा करने वाला जवान जब अपने ही घर की हिफाजत के लिए भटकने को मजबूर हो जाए, तो यह हालात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। जयपुर जिले से सामने आए एक मामले में सीमा पर ड्यूटी कर रहे एक फौजी को अपने ही खरीदे मकान पर कथित हिस्ट्रीशीटर गिरोह का कब्जा मिला, जिसके बाद वह न्याय और सुरक्षा के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गया। जयपुर जिले के गोविंदगढ़ निवासी रोहिताश सिंह, जो सशस्त्र सीमा बल में तैनात हैं, ने करीब दो महीने पहले रामनगरिया थाना क्षेत्र स्थित विनायक एनक्लेव में एक मकान खरीदा था। यह मकान जेडीए क्षेत्र में आता है और इसके लिए उन्होंने बैंक से लोन भी लिया है। मकान का कब्जा लेने के बाद वे उसे बंद कर ड्यूटी पर चले गए थे। ड्यूटी से घर लौटे तो कुछ महिलाएं और बच्चे मकान में मिले ड्यूटी से लौटने पर जब वे अपने घर पहुंचे, तो वहां कुछ महिलाएं और बच्चे मकान में रहते हुए मिले। मकान के बाहर काले पेंट से “संपत्ति विवादित, कोर्ट स्टे” लिखा हुआ था, जबकि इस संपत्ति से जुड़ा कोई कानूनी विवाद नहीं है। इससे साफ जाहिर होता है कि जानबूझकर डराने और भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। महिलाओं ने खुद को किराएदार बताया जब रोहिताश सिंह ने घर में रह रही महिलाओं से पूछताछ की, तो उन्होंने खुद को किराएदार बताया और कहा कि वे किराया कैलाश झालाना को देती हैं। जांच में सामने आया कि कैलाश झालाना गांधी नगर थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले भी खाली मकानों पर कब्जा कराने के आरोप लग चुके हैं। इस मामले में अनिल कुमार मीणा का नाम भी सामने आया है। रामनगरिया थाने पहुंचा मामला जवान जब अपने मकान में घुसने लगा तो महिलाओं ने उसे रोक दिया और बाहर निकाल दिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस कंट्रोल रूम पर पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। मौके पर पुलिस टीम पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने फिलहाल पीड़ित से लिखित शिकायत देने को कहा है। जिसके बाद जवान ने थाने में रिपोर्ट देकर अपने मकान से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है। परिवार मानसिक तनाव में दिखा पीड़ित के परिजनों का कहना है कि यदि वे जबरन घर में घुसने की कोशिश करते हैं, तो उन पर छेड़छाड़ या अभद्रता जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा सकते हैं, जिससे संपत्ति विवादित घोषित हो सकती है। इसी डर के कारण परिवार मानसिक तनाव में है और खुलकर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। थाना प्रभारी चंद्रभान ने बताया कि रोहिताश सिंह ने मकान की नवंबर में रजिस्ट्री करवाई गई है। इस मकान में साल 2020 से लालसोट का परिवार पहले से रह रहा है। दोनों पक्षों से मामले से जुड़े कागजात मंगवाए गए है। फिलहाल मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है।


