यूजीसी बिल का उद्देश्य शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है

भास्कर संवाददाता | सीहोर ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष श्याम मीणा के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन कलेक्ट्रेट में सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी बिल को लेकर ओबीसी, एससी, एसटी और वंचित वर्गों के हितों की रक्षा की मांग की गई। श्याम मीणा ने बताया कि महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी और सभी प्रदेश अध्यक्षों की सहमति से यूजीसी बिल का गहन अध्ययन किया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी बिल का उद्देश्य उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। साथ ही, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए समान शैक्षणिक मानक तय करना और अनुदान, मान्यता व नियमन प्रक्रिया को मजबूत बनाना है। महासभा ने मांग की कि यूजीसी बिल को संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 15(5), 16(4) और 46 के अनुरूप लागू किया जाए। इससे ओबीसी, एससी, एसटी और वंचित वर्गों के शैक्षणिक और आर्थिक हित सुरक्षित रहेंगे। महासभा का कहना है कि बिल के प्रभावी क्रियान्वयन से इन वर्गों का उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। छात्रवृत्ति, फैलोशिप और शैक्षणिक सहायता योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में भोपाल संभाग अध्यक्ष चंद्रसिंह मेवाड़ा, घनश्याम मीणा, बीएस भदोरिया, अजय पचलासिया, जनमसिंह परमार, रोहित, राजकुमार, धर्मेंद्र मेवाड़ा, संतोष वर्मा, रोहित परमार सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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