वल्ला पुल की बदहाल स्थिति के खिलाफ नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन एवं सीनियर कांग्रेसी नेता दिनेश बस्सी खुद स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर पुल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया तो इलाके की जनता के साथ मिलकर चक्का जाम और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर दिनेश बस्सी ने कहा कि लगभग पांच साल पहले विकास के नाम पर शुरू किया गया, यह प्रोजेक्ट आज पूरे इलाके के लिए अभिशाप बन चुका है। वर्ष 2022 के आसपास काम शुरू हुआ, लेकिन अक्टूबर 2025 में ठेकेदार काम छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद न तो नया टेंडर हुआ, न डिजाइन में कोई बदलाव किया गया और न ही जनता को कोई राहत मिली। उन्होंने इसे जनता के टैक्स के पैसों की खुली बर्बादी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएआई पिलर आधारित पुल की बजाय ठोस दीवार वाला ढांचा बनाना चाहती है, जिससे नीचे के रास्ते बंद हो जाएंगे और सैकड़ों दुकानदारों का कारोबार खत्म हो जाएगा। स्थानीय लोग पिलर वाले पुल की मांग कर रहे हैं ताकि रास्ते खुले रहें और रोज़गार सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि 7 से 8 हजार परिवार रोज इस अधूरे पुल के कारण परेशान हैं। बरसात में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वल्ला बाईपास मेडिकल इमरजेंसी का मुख्य मार्ग है, लेकिन जाम के कारण एंबुलेंस फंसी रहती हैं। वल्ला सब्जी मंडी, जो उत्तर भारत की प्रमुख मंडियों में से एक है, वहां धूल और जाम से व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। दिनेश बस्सी ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर पार्षद नवदीप हुंदल, अमरीक सिंह, जसबीर सिंह, लवजीत सिंह, वरियाम सिंह, हरविंदर सिंह, बचितर सिंह और जसविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।


