ब्रेन स्ट्रोक के कारण लकवाग्रस्त मरीज और रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से घायलों को इलाज के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। पीबीएम हॉस्पिटल के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (पीएमएंडआर) विभाग में वीआर बेस्ड टेक्निक और बॉडी वेट सपोर्टेड अनवेटिंग सिस्टम सहित 80 तरह के उपकरण खरीदने की तैयारी की जा रही है। वर्चुअल रियलिटी (वीआर) आधारित पुनर्वास एक आधुनिक तकनीक है, जो शारीरिक या मानसिक चोट, स्ट्रोक या तंत्रिका संबंधी विकारों से उभर रहे मरीजों के लिए एक सुरक्षित, इंटरैक्टिव और डिजिटल वातावरण में चिकित्सीय व्यायाम कराती है। इससे दर्द कम और रिकवरी तेज होती है। मसलन ब्रेन स्ट्रोक के ऐसे मरीज जिनकी कोहनी, हाथ का पंजा या पैर सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें इस तरह के आधुनिक ग्लव्स, उपकरण पहनाएं जाएंगे, जिनसे एक्सरसाइज के दौरान सामने लगी एलईडी स्क्रीन पर उन्हें अपनी ही तस्वीर नजर आएगी। वे खुद को एक्सरसाइज करते हुए लाइव देखेंगे और हाथ, पैरों के मूवमेंट को मशीनों की मदद से अधिक बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। खास बात ये है कि यह मशीनें मरीज को जल्दी ठीक होने का अहसास कराने के साथ ही एक आत्मविश्वास पैदा करने में सहायक बनेंगी। उन्नत पुनर्वास मशीनों की होगी खरीद वर्चुअल रियलिटी आधारित पुनर्वास प्रणाली: ऊपरी और निचले अंगों के लिए गेम आधारित व्यायाम, जिसमें फीडबैक के साथ दृश्य स्क्रीन पर दिखाई देगा। बॉडी वेट सपोर्टेड अनवेटिंग सिस्टम के साथ ट्रेडमिल: रीढ़ की हड्डी की चोट, स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थितियों में व्यक्तियों को चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इंटरवेंशन रूम के लिए ऐसे उपकरण खरीदे जाएंगे, जिनका उपयोग दर्द से राहत और स्पैसिटी प्रबंधन के लिए किया जाएगा। विकलांगों के लिए प्रोस्थेटिक्स और ऑर्थोसिस कार्यशाला के लिए उपकरण। फिजियोथैरेपी और ऑक्यूपेशनल थैरेपी के बेसिक उपकरण। मरीजों के लिए मल्टी जिम एक्सरसाइज क्वाड्रिसेप्स टेबल इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मशीन अल्ट्रासाउंड थैरेपी दर्द को सूजन कम करने के लिए। शॉर्ट वेव डायथर्मी से भी दर्द और सूजन कम होगी। दर्द से राहत दिलाने के लिए ट्रांसक्यूटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्स स्टिम्युलेशन। इंटरफेरेंशियल थैरेपी लाइट एम्प्लीफिकेशन बाय सिम्युलेटेड एमिशन ऑफ रेडिएशन मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए मांसपेशी उत्तेजक। मरीजों की दैनिक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करने के लिए एक्टिविटी ऑफ डेली लिविंग ट्रेनिंग सेट। एक करोड़ से खरीदे जाएंगे 80 तरह के उपकरण एसपी मेडिकल कॉलेज का पीएमएंडआर विभाग तीन साल बाद अपग्रेड होने जा रहा है। विभाग में एक करोड़ रुपए से अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कॉलेज स्तर पर नोडल अधिकारी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पुनीत नौवाल ने बताया कि 80 तरह के उपकरणों की लिस्ट भेज दी गई है। राज्य स्तर पर एसएमएस के डॉ. मृणाल जोशी नोडल ऑफिसर हैं। दरअसल राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत प्रदेश के सात संभागों पर स्थित मेडिकल कॉलेजों में पीएमएंडआर विभाग की क्षमता बढ़ाने के लिए एक-एक करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। उनकी खरीद के लिए जयपुर से ही टेंडर जारी किए गए हैं। भास्कर एक्सपर्ट- -डॉ. पुनीत नौवाल असिस्टेंट प्रोफेसर, पीएमएंडआर 50 से 70 को ओपीडी, सभी को मिलेगा आधुनिक चिकित्सा का लाभ: फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएम एंड आर) में रोज औसत 50 से 70 मरीजों का ओपीडी रहता है। इनमें कुछ विकलांग भी आते हैं। आधुनिक मशीनें आने से सभी को लाभ मिलेगा। दरअसल पीएमएंड आर एक चिकित्सा विशेषज्ञता है जिसका उद्देश्य मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, तंत्रिकाओं, मांसपेशियों या जोड़ों को प्रभावित करने वाली अक्षमताओं से ग्रस्त लोगों की कार्यात्मक क्षमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार और उसे बहाल करना है। “पीएमएंडआर विभाग की क्षमता बढ़ाई जा रही है। मरीजों को एक्सरसाइज कराने के लिए जल्दी ही आधुनिक उपकरणों की खरीद होगी। उन पर मरीज दर्द रहित एक्सरसाइज कर सकेंगे।” -डॉ. सुरेंद्र कुमार, प्रिंसिपल, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज


