सिवनी शहर में हुई चोरियों के संबंध में कोतवाली पुलिस ने दो नाबालिगों को रविवार रात के समय हिरासत में लिया है। इन नाबालिगों ने तीन मंदिरों और एक सूने मकान में चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 6 लाख 30 हजार रुपये मूल्य का चोरी का सामान जब्त किया है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सचिन परते के मार्गदर्शन में चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंदिरों से चांदी की पायल, मुकुट और नकदी चोरी 29 जनवरी को सुभाष वार्ड निवासी विजय उर्फ विक्की सोनी ने काली मंदिर से 25 जनवरी को चांदी की पायल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी दिन, परतापुर रोड निवासी रविशंकर भांगरे ने भैरोगंज परतापुर रोड स्थित हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट, दो चांदी की आंखें और दानपेटी से लगभग 2 हजार रुपए चोरी होने की शिकायत की। इसके अलाला 30 जनवरी को एफसीआई गल्ला गोदाम के पास सिवनी निवासी परसराम सनोडिया ने मठ मंदिर परिसर स्थित राधाकृष्ण मंदिर का ताला तोड़कर दानपेटी से लगभग 12 हजार रुपए चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। पूछताछ में नाबालिगों ने मंदिरों व सूने मकान में चोरी कबूली इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद कोतवाली पुलिस ने एक टीम गठित की। टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की, जिसमें दो नाबालिग संदिग्ध पाए गए। पूछताछ के दौरान, एक नाबालिग ने काली मंदिर और हनुमान मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया। दूसरे नाबालिग ने राधाकृष्ण मंदिर में चोरी और 14 जनवरी की रात छपारा स्थित एक सूने मकान से दो कैमरे चोरी करने की बात कबूली। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। इसके बाद दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक जसवंत ठाकुर, प्रधान आरक्षक मनोज पाल, महिला आरक्षक लक्ष्मी बागड़े और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


