भोपाल में राष्ट्रीय परशुराम सेना का धरना:उपाध्यक्ष राजेश दुबे बोले- राष्ट्रपति का नाम लेकर बच निकलती है सरकार

भोपाल में राष्ट्रीय परशुराम सेना (ब्रह्मवाहिनी) के एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश दुबे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “ब्राह्मणों का सारे पूजन-पाठ हम करवाते हैं, आंदोलन की रणनीति हम बनाते हैं, समाज को दिशा देने का काम हम करते हैं। लेकिन वाह रे मोदी जी, जब इस देश में ब्राह्मणों को कुछ देने की बात आती है तो राष्ट्रपति मुर्मू का नाम ढूंढ लाते हो।” दुबे ने कहा कि सत्ता यह बताकर बच निकलती है कि देश में कौन राष्ट्रपति है, कौन प्रधानमंत्री है, कौन उपराष्ट्रपति है, लेकिन असल सवाल यह है कि ब्राह्मण समाज को नीतिगत रूप से क्या मिला। “नाम गिनाने से ब्राह्मणों के अधिकार पूरे नहीं हो जाते,”। उन्होंने आगे कहा, “ब्राह्मण समाज ने देश के धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। पूजा-पाठ से लेकर संघर्ष की रणनीति तक ब्राह्मणों ने तय की है। आजादी की लड़ाई में पहली गोली मंगल पांडे ने चलाई थी, लेकिन आज उसी समाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। जातिगत जनगणना के मुद्दे पर राजेश दुबे ने कहा, “मीडिया में कहा जाता है कि ब्राह्मण 3 प्रतिशत हैं। मैं कहता हूं देश में ब्राह्मण 20 प्रतिशत हैं। ठाकुर, बनिया मिलाकर 35 से 40 प्रतिशत सवर्ण हैं। अगर सच्चाई सामने लानी है तो निष्पक्ष जातिगत जनगणना कराइए। धरने का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण आइडेंटिटी प्रोटेक्शन एक्ट (B.I.P.A. Act) लागू कराने, सवर्ण आयोग के गठन सहित अन्य मांगों को सरकार के समक्ष रखना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विमल तिवारी ने किया। उनके साथ राष्ट्रीय सचिव शिवाकांत तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश दुबे, हरियाणा प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष जंगेश्वर शर्मा और मध्यप्रदेश अध्यक्ष विनय शुक्ला मंच पर मौजूद रहे। सुनियोजित तरीके से ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया
धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विमल तिवारी ने कहा कि देश में एक सुनियोजित तरीके से ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जा रहा है। ब्राह्मणवाद और मनुवाद के नाम पर गाली देना, संतों का अपमान करना और धार्मिक प्रतीकों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए बीपा एक्ट के रूप में विशेष कानून बनाया जाए, जिसमें एट्रोसिटी एक्ट जैसी सख्त धाराएं हों और आरोपियों को आसानी से जमानत न मिले। जातिगत जनगणना के मुद्दे पर तिवारी ने कहा कि यदि सरकार जनगणना कराना चाहती है तो कराए। उन्होंने दावा किया कि देश में ब्राह्मणों की आबादी को लेकर जो आंकड़े बताए जाते हैं, वे वास्तविकता से कम हैं। ब्राह्मण समाज ने इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया है और वह अपने सम्मान, बहन-बेटियों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए पीछे हटने वाला नहीं है। धरना स्थल पर राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें सरला शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्षा), अजय शर्मा (राष्ट्रीय मुख्य महासचिव), शोभा त्रिपाठी (राष्ट्रीय मुख्य महासचिव—महिला), सिद्ध मां (प्रदेश उपाध्यक्षा), विशाल शर्मा, किरण रावल (राष्ट्रीय महासचिव), अशोक शर्मा (राष्ट्रीय सचिव), अवनीश शर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष), धीरज मिश्रा (निज सचिव, राष्ट्रीय अध्यक्ष), सोम देव मिश्रा (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), प्रवीण तिवारी (प्रदेश मीडिया प्रभारी) और शिवम शुक्ला (प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी) प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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