शहडोल में करंट से बाघों की मौत पर जवाब मांगा:एक्टिविस्ट बोले, 33 दिनों में एमपी में 11 बाघों की मौत सुरक्षा पर गंभीर सवाल

शहडोल में करंट से दो बाघों की मौत के मामले में राज्य सरकार ने शहडोल के सीसीएफ से जवाब तलब किया है। मामले में लापरवाह वन अफसरों पर कार्रवाई के लिए कहा है। चीफ वाइल्डलाइफ शुभ रंजन सेन ने इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगे जाने की पुष्टि की है। दूसरी ओर बाघों की लगातार हो रही मौत के मामले में वाइल्डलाइफ चीफ को हटाने की मांग की जाने लगी है। दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि 2026 में 33 दिनों में 11 बाघों की मौत हो चुकी है। वन विभाग को रविवार रात सर्किल मसिरा के आरएफ 382 क्षेत्र के पास एक बाघ का शव मिलने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान सोमवार तड़के उसी क्षेत्र में एक बाघिन का शव भी बरामद हुआ। दोनों शव राजस्व क्षेत्र में एक-दूसरे के नजदीक पाए गए, जिससे यह पुष्टि हुई कि उनकी मौत एक ही घटना में हुई है। मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों बाघों की मौत बिजली के करंट से होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह सामने आया है कि एक किसान ने अपनी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया था। इसी तार की चपेट में आने से दोनों बाघों की जान चली गई। एसडीओर, रेंजर, फारेस्टर को सस्पेंड किया जाए
आरटीआई एक्टिविस्ट वाइल्डलाइफ अजय दुबे का कहना है कि एमपी में बाघों के मामले में जिस तरह से लापरवाही की जा रही है, वह गंभीर और चिंतनीय है। खासतौर पर शहडोल संभाग में भारी लापरवाही हो रही है। बाघों के शिकार पर शहडोल के सीसीएफ से पीसीसीएफ (हॉफ) द्वारा जवाब-तलब कर लापरवाह वन अफसरों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन स्थिति पर नियंत्रण के लिए रेंजर, एसडीओ, फॉरेस्टर को सस्पेंड किया जाना चाहिए।
दुबे का कहना है कि बिजली के करंट से एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई है। मृत बाघिन के शावक लापता हैं। यह लगातार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मध्य प्रदेश के वन्यजीव विभाग में जवाबदेही तय करने का समय आ गया है। दुबे ने कहा कि हम वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता वाइल्डलाइफ चीफ शुभ रंजन सेन को तत्काल हटाने की मांग करते हैं। बाघों की गणना चल रही और बाघ मर रहे
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि प्रदेश में इस समय बाघों की गणना का काम चल रहा है। 2025 से यह काम शुरू हुआ है जो 2026 में मई तक चलने वाला है। ऐसे में टाइगर एरिया में कैमरे इंस्टाल किए जा रहे हैं और बाघों की मौत हो रही है। इससे सवाल उठता है कि वन विभाग के लोग क्या कर रहे हैं? दुबे ने कहा कि एमपी में 2025 में 55 बाघों की मौत हुई थी। वर्ष 2026 में 33 दिनों के अंतराल में आज हुई बाघों की मौत को मिलाकर 21 बाघ-बाघिन की मृत्यु हुई है, इसमें से 11 एमपी में मृत हुए हैं जो बाघों की सुरक्षा पर सवाल है। ये खबर भी पढ़ें… शहडोल में करंट लगने से दो बाघों की मौत शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में करंट लगने से रविवार रात एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई। करपा बीट क्षेत्र में हुई इस घटना से वन विभाग सकते में हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल जांच शुरू की गई। वन विभाग को रविवार रात सर्किल मसिरा के आरएफ 382 क्षेत्र के पास एक बाघ का शव मिलने की सूचना मिली थी।पूरी खबर पढ़ें

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