कोटा के कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सोमवार को विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक युवती से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच, काउंसलिंग और आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सेवार्थी संगठन के अध्यक्ष बलवंत पाल सिंह ने बताया- कुछ दिन पहले हिंदू समाज की एक युवती को दूसरे समुदाय का युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस द्वारा दोनों को पकड़ने के बाद अदालत में युवती के दर्ज कराए गए। मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया आरोप है कि युवती पर जादू-टोना कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। युवक एक हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले से कई मामले दर्ज हैं, इसलिए उसके आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच कर कार्रवाई की जाए। कानूनी प्रक्रिया के तहत युवती को फिलहाल नारी शाला भेजा गया है, लेकिन मांग है कि उसे 20 से 22 दिन तक नारी शाला में रखकर पूरी तरह से काउंसलिंग कराई जाए। परिवार के लोगों से मिलने की अनुमति दी जाए। सभी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी वहीं, डीएसपी डॉ. पूनम ने बताया- कलेक्ट्रेट सर्किल पर करणी सेना और विभिन्न संगठनों के लोग एकत्र हुए थे। उनकी प्रमुख मांग युवती की नारी शाला में अवधि बढ़ाने, उसकी समुचित काउंसलिंग कराने और आरोपी युवक के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की है। ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और सभी मांगों पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


