जिला कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत आज कलेक्टर कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना दिया। इस धरने में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और मनरेगा मजदूर शामिल हुए। जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को मनरेगा में किए गए बदलावों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मजदूरों को काम, मजदूरी और जवाबदेही की गारंटी मिलनी चाहिए। नागौरी ने चेतावनी दी कि मजदूरों के साथ किसी भी तरह का कुठाराघात स्वीकार्य नहीं होगा और पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी। वरिष्ठ नेता प्रकाश छंगाणी ने मनरेगा में बदलाव के फैसले को मजदूरों के लिए ‘जहर के घूंट’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पीसीसी सदस्य मौलाना रहमतुल्ला, राजेश गहलोत, कुम्भसिंह पातावत, उमरदीन प्रधान, अध्यक्ष इलमदीन मेहर, गनी खान, पुखराज मेघवाल, जिला परिषद सदस्य सिकंदर खान, ठाकुरराम मेघवाल, कानसिंह देचू, हरेंद्रसिंह, हुकमाराम विश्नोई, सतीश बिश्नोई, अशोक व्यास और अफजल खिल्जी सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद सदस्य सिकंदर खान, नेनु खान, कानाराम विश्नोई, मोहम्मद अली, गोरधन जयपाल, नटवरलाल पंवार, अशोक मेघवाल, मौलवी कासम, रावलराम पं समिति सदस्य, ईशाक मंगलिया, शंकर पालीवाल, अशोक विश्नोई, दिनेश कुमार आऊ, प्रकाश सैन, कंवरलाल माली, बाबूराम विजय नगर, मीरा मेघवाल, सुगणा सांसी, भंवरी सांसी, अनीता मेघवाल, सुमीत्रा मेघवाल, ललित चानडा, अरुण कुमार, पुरखाराम चांदसमा, मेहबूब कलर, मुफ्ती वाहब, कारी ईशाक और रामचंद्र बाप सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।


