सिंगरौली में मनरेगा बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट में राज्यपाल के नाम सौंपा मांग पत्र; मूल स्वरूप बहाली की मांग

सिंगरौली में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के मनरेगा में किए बदलावों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मनरेगा को उसके पुराने और मूल स्वरूप में वापस लाने की मांग की है। शहर अध्यक्ष बोले- मजदूरों के हक पर हमला है यह बदलाव आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा कानून ग्रामीण भारत की रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसमें बदलाव करके इस ऐतिहासिक कानून को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है। चौहान के अनुसार, यह सिर्फ एक कानून नहीं बल्कि करोड़ों मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बुरा असर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार की गारंटी दी है। अगर इसे कमजोर किया गया तो इसका असर केवल मजदूरों पर ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों पर भी पड़ेगा क्योंकि लोगों की जेब में पैसा नहीं रहेगा। कांग्रेस ने इसे सामाजिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को मांग पत्र दिया। इसमें मांग की गई है कि मनरेगा के पुराने नियमों को ही लागू रखा जाए। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आने वाले दिनों में जिले भर में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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