खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक स्थित नांदियाखेड़ा गांव के किसानों ने कलेक्टर से पानी की गुहार लगाई है। माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की नहर खेतों के पास से गुजरने के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। पानी की कमी से फसलें प्रभावित हो रही हैं। नाराज किसानों ने कलेक्टर को आवेदन देकर समस्या के जल्द निराकरण की मांग की है। किसानों ने बताया कि वे नांदियाखेड़ा के स्थायी निवासी हैं और खेती ही उनकी आय का एकमात्र जरिया है। शासन की माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत नहर उनके खेतों के समीप बनी हुई है। दरियाव पिता बाबूलाल की भूमि पर स्थित पेटी क्रमांक 208 से जुड़े किसानों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। 7 एकड़ से ज्यादा की फसल संकट में किसान मांगीलाल निकुम के अनुसार, उक्त पेटी से लक्ष्मीनारायण पिता गुलाब की खसरा नंबर 292 की लगभग 7 एकड़ भूमि और मनोज पिता गोविंद की खसरा नंबर 274 की 4.04 हेक्टेयर भूमि जुड़ी है। इसके अलावा अन्य किसानों के खेत भी इसी से कनेक्ट हैं। पेटी पर अधिक किसानों की भूमि होने के कारण सभी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सिंचाई में भारी परेशानी हो रही है। जल्द समाधान नहीं हुआ तो खराब हो जाएंगी फसलें किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत उन्हें समय पर और पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जाए। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो फसलें पूरी तरह खराब हो सकती हैं और उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।


