होली में घर लौटना चुनौती… रांची आने वाली सभी ट्रेनों में वेटिंग, विमान किराया हुआ डेढ़ से दोगुना

होली आने में अब केवल एक माह बचा है और झारखंड आने-जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन और विमान दोनों ही अत्यधिक व्यस्त हो गए हैं। राजधानी रांची और हटिया आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं और कई में लंबी वेटिंग है। उदाहरण के लिए, जम्मूतवी-संबलपुर एक्सप्रेस, झारखंड संपर्क क्रांति, रांची राजधानी साप्ताहिक और लोकमान्य हटिया एक्सप्रेस में फरवरी- अगस्त तक कई श्रेणियों में वेटिंग लंबी है। बिहार, ओडिशा और बंगाल से आने वाली ट्रेनों में भी तेजी से सीटें भर रही हैं। विमान यात्रा के मामले में स्थिति और चुनौतीपूर्ण है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरू और कोलकाता से रांची आने वाली उड़ानों का किराया होली के समय सामान्य से डेढ़ से दोगुना तक पहुंच गया है। दिल्ली-रांची की फ्लाइट की टिकट 7,000-9,000 रुपए, मुंबई-रांची ₹9,000-11,000 और चेन्नई-रांची ₹10,000-12,000 तक में बिक रही हैं। जबकि सामान्य दिनों में ये किराए 5 से सात हजार तक रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, होली के अवसर पर झारखंड के हजारों छात्र, कामगार और व्यवसायी घर लौट रहे हैं। इस कारण ट्रेन और विमान दोनों ही विकल्पों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। यात्रियों के लिए समय और बजट के अनुसार जल्दी बुकिंग करना इस बार जरूरी हो गया है, ताकि होली पर सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके। प्लेन का किराया 27 फरवरी से दो मार्च तक
( नोट : दिल्ली और मुंबई से रांची आने का सामान्य किराया 5-6 हजार, चेन्नई व बेंगलुरू से आने का 6-7 हजार, कोलकाता से 3 हजार रुपए है।) रांची आने वाली ट्रेनों में बुकिंग की स्थिति (नोट : बिहार, ओड़िशा, बंगाल आदि से आने वाली कई ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं) होली में बाहर से आने वालों की इन्क्वायरी बढ़ी : शैलेश झारखंड में होली के अवसर पर दक्षिण भारत और दिल्ली से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। झारखंड चैंबर टूरिज्म समिति के चेयरमैन शैलेश अग्रवाल ने कहा कि टिकट की इनक्वायरी लगातार बढ़ रही है, जिससे सीट उपलब्धता कम और किराया बढ़ गया है। वर्तमान में विमान कम ऑपरेट हो रहे हैं, जबकि ट्रेनों में भी कई श्रेणियों में लंबी वेटिंग है। यात्री यथा शीघ्र बुकिंग करा लें। जेडआरयूसीसी सदस्य बोले… होली के दौरान स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने कहा कि होली के समय सभी ट्रेनें फुल हो गई हैं। रेलवे को सभी प्रमुख रूटों पर शीघ्र स्पेशल ट्रेनें चलानी चाहिए। उन्होंने दक्षिण भारत के लिए नियमित ट्रेनें चलाने की भी मांग की है। डीआरयूसीसी सदस्य विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि जैसे-जैसे होली निकट आएगी, टिकट की उपलब्धता कम होती जाएगी, इसलिए रेलवे को अतिरिक्त कोच लगाने चाहिए।

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