भास्कर न्यूज | अमृतसर आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया को 7 माह के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत िमल गई। इसकी खुशी वर्करों ने ग्रीन एवेन्यू स्थित कोठी पर ढोल की थाप पर भंगड़ा डालकर मनाई। यहीं नहीं नाभा जेल से जिस दिन मजीठिया बाहर आएंगे उसी दिन रोड शो निकालने की भी तैयारी शुरू हो गई है। रोड शो श्री हरमंदर साहिब पहुंचेगा जहां मजीठिया वाहेगुरु का शुकराना करेंगे। शिअद देहाती प्रधान राजविंदर सिंह राजा लदेह और शहरी प्रधान सुरजीत सिंह पहलवान ने इस संबंध में वर्करों की ड्यूटियां लगानी शुरू कर दी हैं। राजा लदेह ने बताया कि बिक्रम को जमानत आप सरकार के मुंह पर तमाचा है। इससे साबित हो गया है कि सरकार ने मजीठिया के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया था। राजनीतिक रंजिश के तहत ऐसा किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने केस की पहली सुनवाई के दौरान ही आप सरकार की दलीलों को सुनने से ही इनकार कर दिया और मजीठिया को जमानत दे दी। उन्होंने माना कि इससे शिअद के वर्करों में जोश और जनून का संचार हुआ है। मजीठिया के जेल जाने के बाद से माझा में एक तरह से बिना लीडर के भटक रही शिअद को फिर से सहारा मिलने की उम्मीद है। बिक्रम को जमानत मिलने से मजीठा हलके की राजनीति सबसे ज्यादा गर्माएगी, क्योंकि वहां बिक्रम के ही खासमखास रहे तलबीर सिंह गिल को आम आदमी पार्टी आगामी चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। मजीठा बिक्रम का पुराना हलका है। उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठा से विधायक हैं। ऐसे में बिक्रम की प्राथमिकता सबसे पहले अपने इसी किले को फिर से फतेह करने की रहेगी। मजीठिया को जमानत मिलने की सूचना मिलते ही सोमवार दोपहर 2 बजे के बाद अकाली वर्कर मजीठिया की ग्रीन एवेन्यू स्थित कोठी में जुटने शुरू हो गए। अजनाला हलके के इंचार्ज जोध सिंह समरा, राजा लदेह की अगुवाई में क्रिश्चियन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अमनदीप गिल और अन्यों ने वर्करों के साथ जमकर जश्रन मनाया। वर्करों ने ढोल की थाप पर जहां भंगड़ा डाला, वहीं एक-दूसरे का लड्डुओं से मुंह मीठा भी करवाया। गौरतलब है पिछले साल 25 जून को मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया था। तब से हाईकोर्ट में उनकी जमानत की अर्जियां रिजेक्ट हो रही थीं। अब 7 महीने के बाद मजीठिया को राहत मिली है। इससे पहले परिवार ने जेल में मजीठिया की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए थे।


