पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जमानत दे दी। मजीठिया 7 महीने से आय से अधिक संपत्ति मामले में पटियाला की नाभा जेल में बंद हैं। मजीठिया मंगलवार सुबह जेल से रिहा होंगे। अमृतसर में मजीठिया के घर के बाहर समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की। वहीं, डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों सोमवार को उनसे मिलने नाभा जेल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मजीठिया मेरे रिश्तेदार और मेरे दोस्त हैं। इसीलिए मैं उनसे मिलने आया था। अगर आपका कोई रिश्तेदार है, तो आप उनसे मिलने क्यों नहीं आते? मजीठिया पर जो आरोप हैं या जिस मामले में केस दर्ज कर उन्हें जेल में बंद किया गया है, वह सब झूठ है। आरोपी के जीजा पूर्व डिप्टी सीएम हैं, जांच कर रहे अधिकारियों को धमकी दी गई: एडवोकेट {मजीठिया के वकील मुरलीधर: वह (मजीठिया) इस केस में 7 महीने से अंदर है। { जस्टिस जे. नाथ: मिस्टर सिद्धार्थ दवे कहां हैं, वह विरोध करना चाहते थे। { एडवोकेट मुरलीधर: सिद्धार्थ दवे दूसरी कोर्ट में हैं। (बेंच ने मुरलीधर से बहस शुरू करने को कहा।) { मुरलीधर: एनडीपीएस मामले में उन्होंने (सरकार ने) एडिशनल एफिडेविट फाइल किया। वे कहना चाहते थे उन्होंने उस क्राइम से हुई कमाई का पता लगाया है। स्टेट की एसएलपी खारिज कर दी गई। वही मामला आय से ज्यादा संपत्ति के केस का आधार बन गया। अब नया केस बनाने का फैसला किया है। यह पॉलिटिकल बदला है। आगे किसी जांच की जरूरत नहीं। 295 गवाह हैं] जल्द ट्रायल पूरा होने की उम्मीद नहीं। (तब तक एडवोकेट दवे भी पहुंच गए।) { जस्टिस नाथ (पंजाब सरकार से): आप उसे जेल में क्यों रखना चाहते हैं? {दवे:नार्को मनी के पैसे भेजे हैं। 790 करोड़ बेहिसाब हैं। {जस्टिस जे. मेहता: पूरी रकम जब्त करो। { एडवोकेट दवे: जांच चल रही है। धमकियां मिल रही हैं। आरोपी के जीजा पूर्व डिप्टी सीएम हैं। एसपी को धमकी दी गई। जांच कर रहे अफसरों को धमकी दी गई। { जस्टिस मेहता: क्या आपने कोई एक्शन लिया है? { एडवोकेट दवे: कोर्ट में फाइल किया है। (इसके बाद कोर्ट ने मजीठिया को बेल दे दी गई।) जेल में मजीठिया से मिलने पहुंचे डेरा ब्यास प्रमुख बिक्रम सिंह मजीठिया (फाइल फोटो)


