सरकारी स्कूलों व अस्पतालों के रंग पर सियासी जंग:विपक्ष को पीले व नीले रंग के कंबीनेशन पर एतराज, आप के झंडे का रंग बताया

पंजाब के सरकारी स्कूलों व सरकारी अस्पतालों में इन दिनों रंग-रोगन करने का काम चल रहा है। स्कूलों व अस्पतालों पर जो रंग हो रहा है वही कंबीनेशन आम आदमी पार्टी के झंडे पर का भी है। विपक्षी दलों ने सरकारी इमारतों के कलर कंबीनेशन पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री परगट ने भाजपा पर शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप लगाया और आम आदमी पार्टी को भाजपा की B टीम बताया। परगट सिंह ने कहा कि आप सरकार ने तो बिल्डिंगों को ही अपने झंडे के रंग में रंग दिया है। परगट सिंह का आरोप है कि सरकार ने बाकायदा रंग के कोड लिखकर डिपार्टमेंट को भेजे हैं ताकि रंग में कोई फर्क न हो। लुधियाना सिविल अस्पताल को भी उसी रंग में रंग दिया गया है। परगट सिंह बोले ‘शिक्षा और स्वास्थ्य का राजनीतिकरण’ पूर्व ओलंपियन और कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है। परगट सिंह का आरोप है कि सरकार जनहित के पैसों का इस्तेमाल अपनी पार्टी की ब्रांडिंग के लिए कर रही है। “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी संपत्तियों को किसी विशेष राजनीतिक दल के कार्यालय की तरह पेश किया जा रहा है। स्कूलों और अस्पतालों को उन रंगों में रंगा जा रहा है जो आम आदमी पार्टी के झंडे का हिस्सा हैं। इसके लिए बकायदा ठेकेदारों को खास ‘कलर कोड’ दिया गया है। क्या सरकार यह भूल गई है कि यह पैसा जनता का टैक्स है, किसी पार्टी का फंड नहीं?” ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इसे शिक्षा प्रणाली पर खतरा बताया अकाल तख्त साहिब के पूर्व कार्यकारी जत्थेदार और अब शिरोमणि अकाली दल पुनर-सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने X पर लिखा, “आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब के सरकारी स्कूलों को अपने पार्टी झंडे के रंगों में रंगने का आदेश देना न केवल बेहद शर्मनाक है, बल्कि शिक्षा प्रणाली के लिए गंभीर खतरा भी है।” उन्होंने आगे लिखा, “स्कूल और बच्चे किसी राजनीतिक पार्टी के प्रचार के साधन नहीं हैं। बच्चों और शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव में लाने की कोशिश निंदनीय है और शिक्षा के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। सरकारी स्कूल राज्य की संपत्ति हैं, किसी एक पार्टी की नहीं। उन्हें राजनीतिक रंगों में रंगना बच्चों की स्वतंत्र सोच और शिक्षा की आजादी पर हमला है। हम ऐसे राजनीतिक दबाव में जारी आदेशों की निंदा करते हैं और इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं। पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को राजनीति से मुक्त रखना सरकार की जिम्मेदारी है।” इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए आनंदपुर साहिब से AAP सांसद और पार्टी प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग का कहना है कि इसमें कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के झंडों में अलग-अलग रंग हैं। नीला रंग शिअद का है। भगवा भाजपा का है। लाल रंग कम्युनिस्टों का है। यह कंबीनेशन अफसरों ने चुना है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। रंगों के चयन के पीछे कोई राजनीतिक सोच नहीं पंजाब के डायरेक्ट जनरल स्कूल एजुकेशन अरविंदर कुमार ने कहा कि सिर्फ उन स्कूलों में पेंट किया जा रहा है जिनमें पांच साल या उससे पहले से कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कलर कंबीनेशन को सलेक्ट करने में कोई राजनीतिक सोच नहीं थी।
852 स्कूलों और 40 अस्पतालों पर किया जा रहा है रंग जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार प्रदेश भर में 852 स्कूलों और 40 के करीब अस्पतालों पर रंग रोगन करवाया जा रहा है। इन सभी इमारतों पर पीले व नीले रंग का कंबीनेशन किया जा रहा है। स्कूलों का ऑर्डर 22 दिसंबर को हुआ स्कूलों में रंग रोगन करवाने का आदेश डायरेक्ट जनरल स्कूल एजुकेशन ने 22 दिसंबर 2025 को जारी किया था। लेकिन यह आदेश अब सामने आया है। अब तक ज्यादातर स्कूलों में रंग रोगन का काम पूरा भी हो चुका है। वहीं अस्पतालों को लेकर सेहत विभाग का आदेश अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया। जबकि अस्पतालों पर भी रंग का काम चल रहा है। किस जिले में कितने स्कूलों में हो रहा पेंट मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में सबसे अधिक 102 स्कूलों में कलर कोडिंग होगी। इसके अलावा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के गृह जिले रूपनगर (रोपड़) में 37, लुधियाना में 70, अमृतसर में 84, बठिंडा में 43, फाजिल्का में 63, गुरदासपुर में 59, होशियारपुर में 39, जालंधर में 40, पटियाला में 63, तरनतारन में 32, मोहाली में 30, मानसा में 29, फिरोजपुर में 22, फरीदकोट में 20 और मोगा में 19 स्कूल शामिल हैं। स्कूलों में इस तरह रहेगा कलर कंबीनेशन DGSE द्वारा DEOs को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि बरामदों और गलियारों (स्कूल भवन के बाहरी हिस्से) को “एनामेल रैप्सोडी” और “एग कस्टर्ड” रंगों में पेंट किया जाए, जबकि कक्षाओं की अंदरूनी दीवारों को “एनामेल ब्रॉन्ज मिस्ट” और “सी ओट्स” रंग से रंगा जाए। आदेश के साथ एक चित्रात्मक प्रस्तुति भी संलग्न है, जिसमें स्कूल की बाहरी इमारत पीले और नीले रंग में दिखाई गई है।

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