सुरिंदर सिंह | जालंधर जालंधर देहात के दो युवकों को जल्द अमीर होने का सपना देखना उस समय महंगा पड़ गया, जब जालसाज युवती ने उन्हें मीठी बातों में फंसाकर 6.25 लाख रुपए ठग लिए। ठगी का शिकार हुए युवकों में एक प्राइवेट कंपनी का मार्केटिंग प्रोफेशनल और दूसरा करियाना व्यापारी है। दोनों ही मामलों में ठगी का तरीका लगभग एक जैसा था। पहले सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन, फिर वाट्सएप और अंत में टेलीग्राम के जरिये डिजिटल ठगी की गई। एक व्यक्ति ने 3.75 लाख तो दूसरे ने 2.50 लाख रुपए गंवाए हैं। पीड़ितों ने साइबर क्राइम देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई है। भास्कर एक्सपर्ट की मानें तो कोई भी वैध कंपनी गूगल पे या जमा पैसे वापस करने के लिए टैक्स नहीं मांगती। अगर कोई आपसे ऐसा करता है तो जान लें कि यह एक ट्रैप है, जिसमें आप ठगे जा सकते हैं। विड्रॉल के नाम पर टैक्स की मांग और फिर ब्लॉक सरबजीत ने किस्तों में 2.25 लाख रुपए और लगा दिए। जब उनके पोर्टल पर 5 लाख रुपए का बैलेंस दिखने लगा तो उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की। तभी मैसेज आया कि इतनी बड़ी रकम निकालने के लिए टैक्स जमा करना होगा। उन्होंने 50,000 रुपए और भेज दिए। कुल 3.75 लाख रुपए ऐंठने के बाद टेलीग्राम ग्रुप से रिमूव कर दिया। कोई कम समय में पैसा दोगुना करने का वादा करे, तो समझ लें कि वह ठग है। कोई भी वैध कंपनी ऐसा वादा नहीं करती। भास्कर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी, साइबर क्राइम सरबजीत सिंह प्राइवेट कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी करते हैं। उन्हें पहले भी शेयर मार्केट में थोड़ा नुकसान हुआ था, जिसकी भरपाई के लिए वे किसी अच्छे प्लेटफॉर्म की तलाश में थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर उन्होंने एक विज्ञापन देखा, जिसमें दावा किया गया था कि प्रतिदिन 1,000 से 5,000 रुपए तक आसानी से कमाएं। सरबजीत ने लिंक पर क्लिक किया तो वे वाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए। वहां ग्रुप एडमिन एक युवती थी। उसने बाद में उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में शिफ्ट कर दिया। युवती ने सरबजीत को विश्वास में लेते हुए कहा कि पहले कम निवेश से शुरुआत करें, जब भरोसा हो जाए, तब बड़ी रकम लगाएं। सरबजीत ने शुरुआत में 10 हजार रुपए लगाए, जिस पर उन्हें पांच हजार का मुनाफा दिखाया गया।


