जालोर जिले के जसवंतपुरा थाना क्षेत्र में सुंधामाता जाने वाली सड़क पर सोमवार को अचानक एक भालू आ गया। आबादी क्षेत्र के पास भालू के दिखाई देने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने भालू को ट्रेंकुलाइज कर करीब 45 मिनट में सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस दौरान सुरक्षा के चलते करीब एक घंटे तक रास्ता बंद रखा गया। भालू को पिंजरे में डालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से पशु चिकित्सालय भेजा गया। सुबह से कर रहा था आबादी क्षेत्र में विचरण जसवंतपुरा वन अधिकारी के.के. परमार ने बताया- भालू सोमवार सुबह करीब 6 बजे से सड़क और आबादी क्षेत्र के आसपास विचरण कर रहा था। कुछ देर दिखाई देने के बाद वह पहाड़ों की ओर चला जाता था, इसी कारण पहले सूचना नहीं दी गई। दोपहर में जब भालू दोबारा सुंधामाता रोड के पास सड़क किनारे नजर आया, तब लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
वाहन चालकों को रोका, 9 सदस्यीय टीम ने शुरू किया रेस्क्यू सूचना मिलते ही दुपहिया वाहन चालकों की आवाजाही रोकी गई। इसके बाद वन विभाग की 9 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और शाम करीब 4 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
करीब 45 मिनट तक चले रेस्क्यू में पूरन नाका इंचार्ज प्रभुराम जाट ने भालू को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया और जाल की मदद से उसे पकड़ा गया। पिंजरे में डालकर नर्सरी में ले जाया गया रेस्क्यू के बाद भालू को ट्रैक्टर-ट्रॉली से लाए गए पिंजरे में डालकर जसवंतपुरा नर्सरी में रखा गया।
के.के. परमार ने बताया कि आज भालू को पशु अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर उसे फिर से पहाड़ी वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। पहले भी कई बार आबादी क्षेत्र में आ चुके हैं भालू स्थानीय लोगों ने बताया कि 27 जनवरी की सुबह भी एक भालू सड़क किनारे खेत में घूमता हुआ दिखाई दिया था। इससे पहले भी कई बार भालू को आबादी क्षेत्र में विचरण करते देखा गया है। जसवंतपुरा वन क्षेत्र में हैं 84 भालू वन अधिकारी के.के. परमार के अनुसार, 2025 की गणना के मुताबिक जसवंतपुरा वन क्षेत्र में 84 भालू मौजूद हैं। कई बार ये भटककर आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं। कुछ भालू खुद ही पहाड़ों की ओर लौट जाते हैं, जबकि कई मामलों में वन विभाग को रेस्क्यू कर सुरक्षित छोड़ना पड़ता है।


