जब सीखने की आदत बनी रहे, तो हर बदलाव अवसर बन जाता है। अपने संजीवनी बिल्डहोम के डायरेक्टर सुनील माहेश्वरी के लिए IIM इंदौर का उद्यम संवाद कार्यक्रम एक नई पेशेवर दिशा लेकर आया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जाना कि इंडस्ट्री कभी स्थायी नहीं रहती, समय के साथ प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और ग्राहक की अपेक्षाएं भी बदलती हैं। यहीं उन्हें यह व्यावहारिक समझ मिली कि आज क्लाइंट को साइट पर लाना ही जरूरी नहीं, बल्कि वीआर टूर, वर्क-थ्रू और डिजिटल प्रेजेंटेशन के जरिए घर बैठे प्रोजेक्ट दिखाया जा सकता है। AI आधारित टूल्स, ई-ब्रोशर और वेबसाइट विजुअल्स ने उनके लिए सेल्स और मार्केटिंग को कहीं अधिक प्रभावी बना दिया है। मेंटर्स और अलग-अलग शहरों से आए प्रोफेशनल्स के साथ संवाद से यह साफ हुआ कि सही जानकारी और सही टूल ही आज के फैसलों की ताकत हैं। सुनील माहेश्वरी मानते हैं—किसी भी काम को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी समझ और जुनून के साथ किया जाए, तभी स्थायी सफलता मिलती है।


